मध्यप्रदेश के उज्जैन के कलमोड़ा में पुरातत्व की टीम को खोदाई के जरिए 1000 साल पुरानी भगवान शिव का मंदिर मिला है। खुदाई के दौरान गर्भगृह में एक विशाल शिवलिंग नजर आया है। कहा जा रहा है कि यह मंदिर परमारकालीन के दौरान की है जो कि एक हजार साल प्राचीन मंदिर के शिलालेख स्थापत्य खंड और शिव, विष्णु, नंदी जलहरी खंडित अवस्था में मिली है।

दरअसल इसका सर्वेक्षण डा वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान भोपाल द्वारा कलमोड़ा में किया गया था। तब संभावना जताई गई थी कि यहां गर्भगृह हो सकता है। इसके बाद पुरातत्व रिसर्च अधिकारी डॉ धुर्वेंद्र जोधा के निर्देशन में यहां खोदाई शुरू की गई थी।

डा जोधा ने बताया कि मंदिर के अंदर गर्भगृह में एक बड़ा शिवलिंग मिला है। परमारकालीन मंदिर के अवशेष के रूप में जलहरी खंडित अवस्था में अवशेष, कलश, आमलक, अमल सारिका, स्तंभ भाग, लता वल्लभ, कोणक ;मंदिर स्थापत्य खंड प्राप्त हुए हैं। मंदिर की लंबाई करीब 15 मीटर है। टीम में शोधार्थी हितेश जोझा, अंकित पाटीदार, राहुल पाटीदार समेत अन्य लोग शामिल हैं। अभी मौके पर खोदाई व वहां मिली धरोहर की सफाई का कार्य जारी है।

मंदिर पंच रथी योजना का 10 से अधिक कीर्तिमुख
जोधा ने बताया कि मंदिर योजना विशाल है। मंदिर पंच रथी योजना का है जो भगवान शिव को समर्पित है। इसका निर्माण यहीं के पत्थरों से किया गया है। पूर्व मुखी मंदिर में नंदी, विशाल जलहरी मिली है किंतु वे खंडित हैं। इसे शास्त्रीय विधान से निर्मित किया गया है। मंडप, गर्भ का भाग सपष्ट है। मंदिर में विशाल कीर्तिमुख हैं जिनकी संख्या 10 से भी अधिक है। मंदिर के भाग जाड्यकुंभ, कुंभ, कपोतिका, खुर भाग को स्पष्ट देखा जा सकता है।

धरोहर की सफाई जारी
पुरातत्व विभाग को खोदाई के दौरान पूरा मंदिर दबा मिला था। पूर्व दक्षिण और उत्तर का भाग साफ हो चुका है। पश्चिम भाग बचा है। पूर्व मुखी शिव मंदिर में मिली धरोहरों की सफाई विभाग द्वारा की जा रही है। इसके बाद और रहस्य सामने आ सकते हैं।