विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यूक्रेन संकट पर प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें विदेश मंत्रालय द्वारा कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता वहां से सुरक्षित लाना है। जिसके लिए भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी भी जारी कर दी है। भारतीय को पोलैंड और हंगरी के रास्ते से निकाला जाएंगा।

MEA ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन से भी पीएम मोदी कुछ देर में इस बारे में बात करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीयों को सुरक्षित लाने पर पीएम मोदी ने काफी जोर दिया है।

भारत में पोलेंड के राजदूत ने यूक्रेन संकट को लेकर उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि रूस का बेहद आक्रामक रवैया है। यूक्रेन के साथ हम खड़े हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति के लिए रूस इस समय बड़ा खतरा है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने अपने एक ट्वीट में कहा है कि चेरनोबिल को जब्त करने के लिए रूस कोशिश कर रहा है। हमारे जवान 1986 की दुःखद घटना को दोहराया न जाए सके इसके लिए अपनी जान की बाजी लगा रहे हैं।

सुनियोजित रणनीति के तहत यूक्रेन पर हमलावर रूस आगे बढ़ता जा रहा है। रूसी सैनिक यूक्रेन की राजधानी कीव को शुक्रवार सुबह तक पूरी तरह घेर लेंगे।