वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने चौथे बजट भाषण में एक बड़ी घोषणा में कहा कि 5G टेलीकॉम स्पेक्ट्रम की नीलामी 2022 में होनी है और 5G network को 2023 में शुरू किया जाना है. इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि किफायती ब्रॉडबैंड (broadband) को सक्षम करने के लिए भारत के सभी गांवों को 2025 तक ऑप्टिक फाइबर (optic fibre)के माध्यम से जोड़ा जाएगा.

केन्द्रीय बजट (union budget)का उद्देश्य ‘अमृतकाल’ (2022-2047) के लिए एक structure प्रदान करना है क्योंकि भारत स्वतंत्रता के 100 वें साल की ओर आगे बढ़ रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि “5G technology देश मे विकास के नए अवसर प्रदान करेगी. इसलिए, निजी टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा 2022-23 के भीतर 5G मोबाइल सर्विस(movile services) के रोलआउट की सुविधा के लिए 2022 में आवश्यक स्पेक्ट्रम spectrum नीलामी आयोजित की जानी चाहिए.

उत्पाद से जुड़े निवेश (PLI) स्कीम के हिस्से के रूप में एक मजबूत 5G इकोसिस्टम के लिए डिजाइन-आधारित विनिर्माण योजना शुरू की जाएगी. सस्ती ब्रॉडबैंड सर्विस (brodnand service) को सक्षम करने के लिए, 2022-23 में भारत नेट परियोजना (net project)के ज़रिए सभी गांवों में ऑप्टिक फाइबर (optic fibre)बिछाने के ठेके दिए जाएंगे. इनके 2025 में पूरा हो जाने की उम्मीद है,.”

आर्थिक सर्वेक्षण (2021-22) economic survey में, केंद्र ने अपने दूरसंचार telecom सुधारों को सूचीबद्ध किया जैसे – उचित मूल्य पर सेवा का उपयोग रखने के लिए नियामक ढांचा, इंटरनेट ग्राहकों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और ब्रॉडबैंड कनेक्शन (broadband connection). गत वर्ष दिसंबर 2021 में मोबाइल टावरों की संख्या बढ़कर 6.93 लाख हो गई है और कुल 1.73 लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिए 5.46 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाई गई है, जबकि 1.59 लाख ग्राम पंचायतें 27 सितंबर 2021 तक OFC पर सेवा के लिए तैयार हैं

5G स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू में 2021 के लिए शेड्यूल की गई थी, लेकिन COVID-19 महामारी के कारण इसमें काफ़ी देरी हुई. अब यह अप्रैल-मई 2022 में आयोजित होनी है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने 5G ट्रायल (5G Trial) शुरू करने के लिए मुख्य दूरसंचार कंपनियों रिलायंस जियो, (Reliance Jio, भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन आइडिया (VI) को छह महीने के लिए स्पेक्ट्रम प्रदान किया है. 5जी नेटवर्क की लॉन्चिंग (launching) कुछ महीने पहले केंद्र को कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया vodaphone idea-VI में 35.8 फीसदी हिस्सेदारी मिलने के बाद हुई है.