रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है जहां रूसी सेना लगातार यूक्रेन के मुख्य शहरों पर हमला कर रही है और वही यूक्रेन की सेना उसके जवाब में और उसके हेलीकॉप्टर्स और सैन्य विमानों को मार गिराने का दावा कर रहे हैं इसके अलावा दो शहरों द्वारा और उसी सेना के आगे सरेंडर भी कर दिया गया,

हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिरकार ऐसा क्या हुआ जिस कारण रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया,

आइए जानते हैं…

1. रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुए इस युद्ध की मुख्य जड़ नाटो है नाटो यानी कि नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन जिसे सन 1949 में शुरू किया गया था यूक्रेन लगातार ऐसा रहा था कि वह नाटो में शामिल हो जाए जिससे हमेशा ही रूस को परेशानी रहिए क्योंकि रूस का मानना है कि अगर यूक्रेन नाटो में शामिल हुआ तो ना तो देश के सैनिक ठिकाने उसकी सीमा के पास आ जाएंगे।

2. वही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है यूक्रेन अब एक संप्रभु देश नहीं रहा बल्कि यह पश्चिमी देशों की तरह ही कठपुतली बन चुका है।

3. वहीं रूस ने यूक्रेन से इस बात की पुष्टि करने के लिए भी कहा कि वह नाटो की सदस्यता ना ग्रहण करें, वह खुद को ड्रीमिली प्राइस करेगा और एक तटस्थ राष्ट्र के रूप में भी काम कर सकता है।

4. यूक्रेन और रूस के मध्य एक पूर्व सोवियत गणराज्य के रूप में गहरे सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध स्थापित है, और यही वजह है कि यूक्रेन में व्यापक स्तर पर भी रूसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा लेकिन 2014 में रूस के आक्रमण के बाद से ही दोनों देशों के संबंधों में खटास या गई है और अभी खटास धीरे धीरे पूरी तरीके से युद्ध में बदल चुकी हैं।

5. बात करें रोज द्वारा यूक्रेन पर आखरी हमले की तो यह तब हुआ था जब यूक्रेन के रूस समर्थक राष्ट्रपति को साल 2014 में अपदस्थ किया गया था और ऐसा माना जा रहा था कि तब से अभी तक पूर्व यूक्रेन में विद्रोही घटनाओं के चलते 14000 से अधिक जाने चली गई हैं।