एएनआई: जेआरडी टाटा के टाइम पर एयर इंडिया, दुनिया की प्रतिष्ठित विमानन कंपनियों में शामिल थी लेकिन आज यह इतनी ज्यादा खस्ता हाल हो चुकी है कि सरकार को इसे बेचना पड़ा।एयर इंडिया आज यानी 27 जनवरी 2022 से टाटा ग्रुप की हो गई। सरकार की तरफ से एयरलाइन को आज टाटा ग्रुप को सौंप दिया गया। एयर इंडिया का हस्तांतरण पूरा हो गया है। टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन इसके लिए एयर इंडिया हाउस पहुंच गए हैं।

लंबे समय तक चली हलचल और अनिश्चितता के बाद आज आखिरकार ‘महाराजा’ का स्वामित्व टाटा समूह के पास चला गया है। इसके बाद सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया भी प्राइवेट हो चुकी है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, SBI के नेतृत्व में बैंकों का कंसोर्टियम टाटा ग्रुप को एयर इंडिया के संचालन के लिए लोन उपलब्ध करवाएगा। बता दें कि बोली प्रक्रिया के बाद 8 अक्टूबर को 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया को टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया था।

करीब 69 साल पहले टाटा से एयर इंडिया कंपनी को लेने के बाद उसे अब फिर टाटा ग्रुप को सौंपा जा रहा है। इस खबर को लेकर अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी है। अधिकारियों ने कहा कि, एयर इंडिया को टाटा ग्रुप में वापस पाकर हम पूरी तरह से खुश हैं। हम विश्व स्तरीय एयरलाइन के रूप में सभी के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।एयर इंडिया के निजीकरण की पहली कोशिश 2001 में की गई थी। उस समय देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे लेकिन निजीकरण की पूरी प्रक्रिया का अंत 2021 अक्टूबर में पूरा किया गया।

सूत्रों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया है कि एयर इंडिया के औपचारिक हैंडओवर के बाद टाटा बड़े बदलाव करेगी। यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकतम जोर दिया जाएगा कि एयर इंडिया के सभी विमान समय पर उड़ान भरें। यही नहीं, टाटा समूह ने कई अन्य बदलावों की भी योजना बनाई है।