पंजाब — राज्य की खेल विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के लोगों को प्रतिष्ठित किला रायपुर ग्रामीण खेल उत्सव, जिसे ‘मिनी ओलंपिक’ के रूप में जाना जाता है, में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। 31 जनवरी से शुरू होने वाला यह आयोजन राज्य के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि इसमें 16 साल के लंबे अंतराल के बाद बैलगाड़ी दौड़ की वापसी हो रही है।
16 साल पुराने गौरव की वापसी
इस वर्ष के उत्सव का मुख्य आकर्षण बैलगाड़ी दौड़ की बहाली है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा:
“16 साल के अंतराल के बाद बैलगाड़ी दौड़ का पुनरुद्धार एक मुख्य आकर्षण होगा। यह हमारी परंपराओं को फिर से जीने और पंजाब की खेल विरासत को मिलकर मनाने का हमारा सुनहरा अवसर है।”
पंजाब सरकार ने इन खेलों के आयोजन के लिए कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं, जो ऐतिहासिक रूप से किला रायपुर खेलों की जान रहे हैं।
सिर्फ खेल नहीं, एक सांस्कृतिक विरासत
मिनी ओलंपिक ग्रामीण युवाओं को अपनी शारीरिक शक्ति और प्रतिभा दिखाने के लिए एक प्रमुख मंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री मान ने इस बात पर जोर दिया कि कबड्डी और बैलगाड़ी दौड़ जैसे खेल पंजाबी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा, “पारंपरिक खेल केवल खेल नहीं हैं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत का अभिन्न अंग हैं। ये खेल पंजाबियों की भावना, शक्ति और एकता का प्रतीक हैं और पीढ़ियों से हमें विरासत में मिले हैं।”
Punjab Chief Minister @BhagwantMann has invited the people of Punjab to participate in the prestigious Mini Olympics at Kila Raipur, commencing on January 31. With this initiative, the Punjab Government reaffirms its commitment to reviving state’s traditional games and creating a… pic.twitter.com/aaSoB6b18o
— Government of Punjab (@PbGovtIndia) January 31, 2026
किला रायपुर मिनी ओलंपिक की मुख्य विशेषताएं:
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पारंपरिक खेल: कबड्डी के रोमांचक मैच, कुश्ती और रस्साकशी।
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ग्रामीण प्रतिभा: गांव के एथलीटों के लिए राज्य स्तरीय पहचान बनाने का एक समर्पित मंच।
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विरासत का प्रदर्शन: पंजाबी शक्ति और कौशल के प्रदर्शन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम।
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ऐतिहासिक क्षण: 16 साल बाद बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता की वापसी।
