AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के 650 करोड़ हेल्थ घोटाले में सरकार पर सवाल उठाए, राजीव रंगीला की गिरफ्तारी और टेंडर गड़बड़ी पर गंभीर आरोप लगाए।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राजधानी में कथित 650 करोड़ रुपये के हेल्थ घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार और ACB पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूछा कि मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे राजीव रंगीला की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है।
प्रेस वार्ता में सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि ACB की 2 जून 2026 की FIR में राजीव रंगीला का नाम बार-बार दर्ज है और वह पूरे मामले का मुख्य केंद्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई का प्रचार कर रही है, जबकि कथित मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कथित घोटाले में टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। आरोप के अनुसार, कुछ कंपनियों के जरिए तकनीकी शर्तों को इस तरह तैयार किया गया कि सीमित कंपनियां ही टेंडर में हिस्सा ले सकें, जिससे प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई और सरकारी खरीद महंगे दामों पर हुई।
Where is Rajiv Rangeela ?
The ACB FIR in “650 Cr Health & Medicine Scam” clearly names one person Rajiv Rangila as accused.
His name appears 5-7 times on each page of this FIR. He is described as the real owner of all the private companies who got tenders at inflated rates.… pic.twitter.com/aECkg3i4oh
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) June 30, 2026
सौरभ भारद्वाज ने उदाहरण देते हुए कहा कि बाजार में लगभग 10 लाख रुपये की एक्स-रे मशीन को दिल्ली सरकार ने करीब 33 लाख रुपये में खरीदा। उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में कम संख्या में मशीनों का टेंडर जारी हुआ था, लेकिन बाद में उसी दर पर बड़ी संख्या में खरीद कर ली गई, जिससे सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
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उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला “मॉडस ऑपरेंडी” का हिस्सा है, जिसमें अलग-अलग नामों से कंपनियां बनाकर सरकारी खरीद प्रक्रिया पर नियंत्रण किया गया।
AAP नेता ने सवाल उठाया कि एक संविदा कर्मचारी पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन जिस व्यक्ति पर पूरे घोटाले का आरोप है, उसके खिलाफ अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि राजीव रंगीला को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।
इसके अलावा उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) और दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पारदर्शिता की कमी से कई गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं।
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