दिल्ली को स्टार्टअप राजधानी बनाने की तैयारी तेज। CM रेखा गुप्ता ने नई दिल्ली स्टार्टअप नीति लाने का एलान किया, युवाओं को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म।
दिल्ली को देश की स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि राजधानी के लिए जल्द ही एक नई और मजबूत स्टार्टअप नीति लाई जाएगी। इस नीति का उद्देश्य युवाओं को उनके इनोवेटिव आइडियाज को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जनपथ स्थित डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित ‘कैंपस टू मार्केट – दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव’ के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री जयंत चौधरी और दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद भी मौजूद रहे।
युवाओं के आइडियाज को मिलेगा सीधा बाजार से जुड़ाव
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को एक साथ जोड़कर दिल्ली में ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, जहां हर युवा इनोवेटर को आइडिया से स्टार्टअप तक की पूरी यात्रा में सहयोग मिलेगा। प्रस्तावित स्टार्टअप नीति के जरिए मेंटरशिप, फंडिंग और मार्केट एक्सेस को आसान बनाया जाएगा, ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें और रोजगार सृजन में योगदान दें।
रेखा गुप्ता ने विभिन्न स्टॉल्स का निरीक्षण किया और छात्रों द्वारा विकसित किए गए प्रोजेक्ट्स, स्टार्टअप मॉडल्स और तकनीकी समाधानों की सराहना की। छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके बिजनेस मॉडल, सामाजिक प्रभाव और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की।
‘अब युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे हैं’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज का युवा केवल रोजगार खोजने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह रोजगार देने वाला बन रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे देश की समस्याओं के समाधान खोजने पर फोकस करें, जिससे दिल्ली और भारत वैश्विक स्तर पर इनोवेशन का नेतृत्व कर सकें।
जयंत चौधरी बोले – युवा शक्ति ही भारत की असली ताकत
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। अगर युवाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले तो वे देश की आर्थिक प्रगति में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया।
आशीष सूद: अब दिल्ली में बनेगा मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने बताया कि पहले राजधानी में स्टार्टअप्स तो थे, लेकिन उनके लिए कोई स्पष्ट नीति और समन्वित व्यवस्था नहीं थी। अब सरकार स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक ऐसा ढांचा विकसित कर रही है, जहां शिक्षा संस्थान, उद्योग, निवेशक और मेंटर्स मिलकर युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दे रहे हैं।
‘कैंपस टू मार्केट’ पहल से बढ़ रहा स्टार्टअप कल्चर
इस महोत्सव की खास बात यह रही कि पहली बार 11 विश्वविद्यालयों, 12 कॉलेजों और 19 आईटीआई को एक ही मंच पर जोड़ा गया। वर्तमान में 75 हजार से अधिक छात्र उद्यमिता कार्यक्रमों से जुड़े हैं, जबकि 470 से ज्यादा स्टार्टअप्स इनक्यूबेशन प्रक्रिया में हैं। इन स्टार्टअप्स ने अब तक करीब 500 से 600 करोड़ रुपये का कारोबार किया है और हर स्टार्टअप औसतन 4 से 5 रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है।
सरकार स्कूल स्तर से ही छात्रों के आइडियाज को आर्थिक सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन देकर स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत कर रही है।
दिल्ली को मिलेगी स्टार्टअप राजधानी की नई पहचान
नई स्टार्टअप नीति के लागू होने के बाद दिल्ली को न केवल देश बल्कि वैश्विक स्तर पर एक मजबूत स्टार्टअप डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार का फोकस युवाओं को नवाचार, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर है।
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