केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को 2022 का बजट पेश किया  और कृषि क्षेत्र के लिए बड़े प्रोत्साहन की घोषणा की। विवरण देते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपने केंद्रीय बजट भाषण में घोषणा की है कि कृषि और कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की लहर चलाने के लिए किसान ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। इन ड्रोन का उपयोग फसल आकलन, भूमि रिकॉर्ड और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए किया जाएगा।

इससे किसानों की लागत में कमी आएगी, समय की बचत होगी और सबसे बड़ा फायदा यह होगा की सही समय पर खेतों में कीट प्रबंधन किया जा सकेगा| कृषि में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए, “कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन (एसएमएएम) योजना के तहत केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कृषि ड्रोन की खरीद, किराए पर लेने और प्रदर्शन में सहायता करके इस तकनीक को किफायती बनाने के लिए आईसीएआर संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों को वित्त पोषण दिशानिर्देश जारी किए हैं|

ड्रोन के इस्तेमाल के प्रति किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए ड्रोन खरीदने के लिए 100 फीसदी या दस लाख रुपए तक अनुदान देने की परिकल्पना की गई |इसके अलावा किसान उत्पादक संगठनों को ड्रोन खरीदने के लिए 75 फीसदी तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी| यह वित्तीय सहायता और 31 मार्च 2023 तक लागू रहेगी| प्रदर्शन के लिए ड्रोन किराए पर लेने वाले एजेंसियों को 6000 रुपए प्रति आक्समिक खर्च के तौर पर दिए जाएंगे, जबकि ड्रोन खरीद कर प्रदर्शन करने वाले एजेंसियों को आक्समिक खर्च के तौर 3000 रुपए प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे|

ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष समित शाह ने बताया कि कॉपरेटिव सोशल सोसाइटी, एफपीओ और ग्रामीण इंटरप्रेन्योर्स द्वारा स्थापिति किए गए कस्टम हायरिंग केंद्रों को ड्रोन खरीदने के लिए चार प्रतिशत या लगभग चार लाख रुपए की राशि दी जाएगी| कृषि स्नातक द्वारा स्थापित कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने के लिए पांच लाख रुपए दिए जाएंगे| इसके तहत जारी किए गए गाइडलाइंस के मुताबिक राज्य सरकार के माध्यम से ड्रोन की खरीद के प्रस्तावों को धन आवंटन के लिए योजना की कार्यकारी समिति के विचार के लिए पेश किया जायेगा|