फोरेंसिक रिपोर्ट पर सियासत गर्म: सौरभ भारद्वाज का पलटवार, बोले- “खोदा पहाड़, निकली मरी हुई चुहिया”

दिल्ली फोरेंसिक रिपोर्ट पर सियासत गर्म, सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर आधा सच फैलाने और धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया, कपिल मिश्रा से माफी की मांग।

दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर फोरेंसिक रिपोर्ट को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह आधे सच और धार्मिक भावनाओं को भड़काकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत रिपोर्ट ने किसी भी तरह से वास्तविक मुद्दे को उजागर नहीं किया।

भारद्वाज का आरोप: बीजेपी ने आधे सच का सहारा लिया

सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता में कहा, “इस पूरी कवायद का नतीजा वही निकला, जिसकी उन्हें पहले से उम्मीद थी। खोदा पहाड़, निकली चुहिया, वो भी मरी हुई। बीजेपी किस तरह सोचती है, आप उनकी रग-रग से वाकिफ हैं।” उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले ही रिपोर्ट के नतीजे तय थे और आधे सच पर पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर दी गई।

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पंजाब और दिल्ली रिपोर्ट की तुलना

सौरभ भारद्वाज ने पंजाब की फोरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि “गुरु” शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ। लेकिन दिल्ली की रिपोर्ट को सरकारी दबाव में घुमा-फिराकर पेश किया गया। उनका कहना है कि फोरेंसिक जांच का उद्देश्य वीडियो में बोले गए शब्दों की पहचान करना था, लेकिन रिपोर्ट में इस अहम मुद्दे पर चुप्पी साधी गई।

आधे सच से इज्जत बचाने की कोशिश

AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी आधे सच की रिपोर्ट के माध्यम से अपनी इज्जत बचाने का प्रयास कर रही है। भारद्वाज ने यह भी कहा कि AAP जनता तक असली घटनाक्रम पहुँचाने के लिए वीडियो को व्यापक रूप से साझा करेगी।

कपिल मिश्रा को दिया अल्टीमेटम

सौरभ भारद्वाज ने कपिल मिश्रा को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि उन्हें दरबार साहब जाकर माफी मांगनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच CBI या NIA से कराई जा सकती है ताकि जनता को स्पष्ट रूप से पता चल सके कि “गुरु” शब्द कहां इस्तेमाल हुआ।

असली मुद्दा गायब

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जांच में असली मुद्दा गायब है और बातें घुमा-फिराकर प्रस्तुत की जा रही हैं। उन्होंने वीरेंद्र सचदेवा से अपील की कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट करें कि फोरेंसिक रिपोर्ट में गुरु शब्द का इस्तेमाल हुआ या नहीं।

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