GATE 2022: सुप्रीम कोर्ट (SC) कोविड की तीसरी लहर के मद्देनजर इंजीनियरिंग परीक्षा, 2022 (GATE 2022) में ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट को स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है।  कोविड के कारण GATE 2022 परीक्षा स्थगित करने की मांग करते हुए दो याचिकाएं दायर की गई हैं। दलीलों में कहा गया है कि देश वर्तमान में बढ़ते कोविड मामलों की ‘तीसरी लहर’ से पीड़ित है, जिसमें कई दैनिक मामले रिकॉर्ड 3 लाख और उससे अधिक को छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस भयावह स्थिति में जिसने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है, याचिकाकर्ताओं को शारीरिक रूप से GATE 2022 लिखने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो याचिकाकर्ताओं जैसे कई उम्मीदवारों के जीवन पर बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।

याचिकाकर्ताओं ने केंद्र द्वारा जारी 15 जनवरी के निर्देशों को भी चुनौती दी है, जिसमें कहा गया है कि उनमें स्पष्टता की कमी है, छात्रों के बीच भ्रम पैदा हो रहा है क्योंकि वे उन छात्रों के बीच एक अनावश्यक वर्गीकरण पैदा करते हैं जिन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी और जिन्हें बिना किसी चिकित्सा या कानूनी आधार के रोक दिया जाएगा। याचिका में कहा गया है निर्देश स्पर्शोन्मुख छात्रों को परीक्षा के लिए उपस्थित होने की अनुमति देते हैं, लेकिन उन छात्रों को नहीं जो कोरोना वायरस पॉजिट‍िव पाए गए हैं। निर्देशों के अनुसार उत्तरदाताओं द्वारा इस तरह के वर्गीकरण में कोई समझभरा अंतर मौजूद नहीं है और इस प्रकार भारत का संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।

इसके विपरीत, निर्देश उन छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देते हैं जिनमें लक्षण दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वो कोरोना पॉजिटिव नहीं पाए गए हैं। याचिका में कहा गया है, “यह वर्गीकरण बेतुका और आत्म-विरोधाभासी है। गेट 2022 का आयोजन 5, 6, 12 और 13 फरवरी को होना है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता पल्लव मोंगिया ने मामले की तत्काल सुनवाई के लिए मामले का उल्लेख किया। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस एएस बोपन्ना और हेमा कोहली की बेंच सुनवाई के लिए मामले को लिस्‍ट‍िड करेगी।