कर्नाटक के हिजाब विवाद के बीच वायरल फोटो के बाद चर्चा में आई हिजाब गर्ल्स मुस्कान का एक और बयान सामने आया है। उसके बयान ने हिंदुस्तान की असली तस्वीर को सामने लाकर रख दिया है। दरअसल, मुस्कान तब चर्चा में आई जब कर्नाटक में हिजाब विवाद के बीच चल रहे प्रदर्शन में उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। दर्जनों लड़कों के बीच घिरीं अकेली मुस्कान उनका हिम्मत के साथ मुकाबला करती हैं और जय श्री राम नारे का जवाब अल्लाहू अकबर से देती हैं। इसके बाद से उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और इस बहस को एक नया रंग दे गई है।

उनके बयान में क्यों दिखा भारत

हिजाब गर्ल्स मुस्कान ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद कई लोग उनका समर्थन कर रहे हैं। यहां तक कि उनके हिंदू दोस्त भी उसके साथ हैं। उसने कहा कि मेरे पास सुबह से फोन आ रहे हैं और लोग मेरा सपोर्ट कर रहे हैं। मुस्कान आगे कहती हैं कि मैं और मेरी अन्य मुस्लिम सहेलियां, हिंदू दोस्तों के बीच सुरक्षित महसूस करती हैं। हमारे बीच कभी धर्म को लेकर बात नहीं हुई। यह सबकुछ बाहरी लोग कर रहे हैं।

हिजाब गर्ल्स मुस्कान बताती हैं कि मैं क्लास में हिजाब पहनती हूं और बुर्का उतार देती हूं। आज तक प्रिंसिपल या टीचर्स ने कुछ नहीं कहा। यह सब बाहरी लोगों ने किया है। वह कहती हैं कि हिजाब हमारा हिस्सा है। हम हिजाब के लिए विरोध जारी रखेंगे। यह मुस्लिम लड़की होने की पहचान है। यह हमारा धर्म है।
क्या हुआ था घटना के दौरान
एक मीडिया चैनल को मुस्कान ने बताया कि वह कॉलेज असाइनमेंट के लिए आई थी। वे लोग मुझे अंदर नहीं जाने दे रहे थे, क्योंकि मैनें बुर्का पहना हुआ था। उनका कहना था कि पहले बुर्का उतारो फिर अंदर जाओ। मैं वहां दोबारा गई तो लड़कों ने मुझे घेर लिया और जय श्री राम के नारे लगाने लगे, इसके जवाब में मैनें भी अल्लाहू अकबर का नारा लगाया। वह बताती है कि मेरे टीचर और प्रिंसिपल ने मेरा सपोर्ट किया, उन लोगों ने मुझे भीड़ से बचाया।
सोशल मीडिया पर छाई मुस्कान
कर्नाटक की इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद से मुस्कान सोशल मीडिया पर छा गई है। हिजाब के खिलाफ चल रहे इस प्रदर्शन का चेहरा बन गई हैं। सोशल मीडिया पर मुस्कान को लेकर कई मीम्स वायरल हो रहे हैं। लोग उनकी बहादुरी काे सलाम कर रहे हैं। घटना के दौरान डर लगने के सवाल पर मुस्कान कहती हैं, कि जब लड़कों ने उन्हें घेरा तो वह कुछ हद तक डर गई थीं, लेकिन जब प्रिंसिपल व अन्य शिक्षकों ने विरोध किया तो उनका डर खत्म हो गया था। वह कहती हैं कि वह बुर्का पहनना जारी रखेंगी।

क्या है विवाद का कारण
कर्नाटक के उडुपी में एक जनवरी को सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में छह मुस्लिम छात्राओं को कक्षाओं में जाने से रोक दिया गया। ये सभी छात्राएं हिजाब पहने हुई थीं। कॉलेज प्रबंधन ने प्रतिबंध लगाने के पीछे नए यूनिफार्म लॉ का हवाला दिया। यह मुद्दा अब उडुपी के अन्य सरकारी कॉलेजों में भी फैल चुका है। कुंदापुरा कॉलेज की 28 मुस्लिम छात्राओं को भी हिजाब पहनकर कक्षाओं में शामिल नहीं होने दिया गया। इसके बाद से कई छात्राएं हिजाब पर प्रतिबंध लगाए जाने का विरोध कर रही हैं।