देश की जनता जो पहले ही कोरोना महामारी के कारण आई तंगी से जूझ ही रही है कि अब उस पर जल्द ही महंगाई की तगड़ी मार पड़ने वाली है। हाल मे ही जारी की गई एक रिपोर्ट की माने तो पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की जा सकती है और इनमें ₹15 से ₹22 तक की वृद्धि की संभावना बताई जा रही है. जिससे आम जनता की मुसीबतें काफी ज्यादा पड़ जाएंगे आपको देश की जनता जो बेबी करो ना मैं मारी के कारण आई तंगी से जूझ ही रही है कि अब उस पर जल्द ही महंगाई की तगड़ी मार पड़ने वाली है, हालिया जारी की गई एक रिपोर्ट की माने तो जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की जा सकती है और इनमें 15 से ₹22 तक की वृद्धि की संभावना बताई जा रही है जिससे आम जनता की मुसीबतें काफी ज्यादा पड़ जाएंगे। आपको बता दें कि दिवाली के बाद से पेट्रोल व डीजल के दाम स्थिर हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के चलते कच्चे तेल की कीमत में बेतहाशा वृद्धि कोई है इसका आंसर जल्दी ही देखने को मिल सकता है जहां एक और सफर करना महंगा होने वाला है तो वहीं दूसरी ओर माल्ट भाई का खर्च भी बढ़ सकता है जिसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों पर ही पड़ेगा।
गौरतलब है कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का भाव पिछले एक दशक के उच्चतम स्तर 117 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है हालांकि पिछले शुक्रवार को इसमें कुछ नरमी देखी गई थी लेकिन इसके बावजूद यह उच्च स्तर पर बना हुआ है और कच्चे तेल की कीमतों के जाने के बाद भी देश में डीजल व पेट्रोल के दाम बीते 4 महीनों से स्थिर बने हुए हैं, तो ऐसे में तेल कंपनियों को लगातार भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। जहां तेल कंपनियों के बढ़ते घाटे पर आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले 2 महीनों में ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ने के कारण सरकार के स्वामित्व वाली खुदरा तेल विक्रेताओं को लगातार भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और अब कंपनियां इसे कम करने के लिए देश की जनता पर पेट्रोलियम के बढ़े हुए दामों (महंगाई )का बोझ डालने की तैयारी कर रहे हैं।

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सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमश : 15 से ₹22 तक की बढ़त देखी जा सकती है इस रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू तेल कंपनियों को सिर्फ अपनी लागत की भरपाई के लिए 16 मार्च 2022 या उससे पहले ही डीजल व पेट्रोल की कीमतों में 12.1% की बढ़ोतरी करनी होगी और अगर फायदा भी जो मिले तो उन्हें करीबन 15.1 प्रति लीटर के दाम का इजाफा करना ही होगा तो जाहिर है कि अगर तेल कंपनियों ने भी करती हैं तो देश के आम लोगों के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है।