पिछले दिनों रिलीज हुई गहराइयां मूवी के बाद दीपिका की ऐक्टिंग के साथ साथ फ़िल्म में दर्शाए गए इंटीमेट सीन्स की खूब चर्चा हो रही है। दीपिका ने अब तक ग्लैमरस रोमेंटिक हिस्टोरिकल एक्शन रोल  को बखूबी निभाया है । बेहद टैलेंटेड दीपिका अभिनय के सभी आयामों को छूना चाहती है। उन्होंने रिश्तों और प्यार पर आधारित कई फ़िल्में की हैं। मगर वे फ़िल्में रिश्तों में आज के नज़रिए को दर्शाती है। यहाँ उन्होंने कॉकटेल और तमाशा जैसी फिल्मों में आज के युवा का नजरिया बखूबी निभाया था वही गहराइयां मे वे उलझे हुए रिश्तों की कहानी के किरदारों को भी बखूबी निभाती नजर आ रही है। एक साक्षात्कार में दीपिका ने कहा कि यह मेरे अपनी तरह का पहला किरदार हैं। मुझे कुछ अलग हटकर कहानियों पसंद आती है, यह वास्तविक जीवन के उस पहलू को दिखाती है जिसपर लोग कम बात करना पसंद करते हैं। 15 साल के लंबे करियर में दीपिका ने बॉलीवुड मसाला फिल्मों के साथ साथ पीकू जैसी फ़िल्में भी की है। वे कहती हैं क ऐसी फ़िल्में जहाँ किरदार जीवन के प्रति सच्चे है वे मेरे दिल के करीब है।

एक अभिनेता के तौर पर दीपिका का सफर बेहद रोमांचक रहा है। अलग अलग किरदार निभाकर वे एक अभिनेता के रूप में ग्रो हुई है। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि आप जीवन जीते हैं और जब आपको कुछ किरदार दिए जाते हैं तो आप अपने अनुभवों से उन्हें पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशीश करते हैं। एक अभिनेता के रूप में आप का यह काम इसे विश्वसनीय प्रमाणीकरण वास्तविक बनाता है। ऐसा नहीं हो सकता है कि अगर मैं रोमेंटिक ड्रामा कर रही हूँ तो मैं अपे रिश्ते या पिछले अनुभवों के आधार पर ये रोल निभाऊंगी। जीवन के अब तक के सफर मे जो मैंने दूसरों से भी सीखा है वे सब अपने एक्टिंग में अपनाने की कोशीश करती हूँ।

गहराइयां जैसी फ़िल्म करने पर दीपिका ने रिएक्शन दिया की शकुन ने जब उन्हें पहली बार स्क्रिप्ट सुनाई थी तो वे उसमें खो सी गई थी। ऐसा नहीं है कि उन्होंने पहले इस तरह के रोल नहीं निभाए हैं कॉकटेल में वेरोनिका का किरदार कुछ इस तरह का ही था। ये कह सकते हैं कि वे वास्तविक जीवन से मेलजोल खाता हुआ था। इस फ़िल्म में काम करने पर उन्होंने कहा कि मुझे पता था कि इसमें काम करने के लिए मुझे मानसिक और भावनात्मक रूप से ज्यादा जुड़ना पड़ेगा। वे कहती हैं कि मुझे याद है कि मैं कहानी से रोमांचित थी लेकिन इसमें मुझे ज्यादा एनर्जी देनी होगी, इसका अहसास बखूबी था। उन्होंने बताया कि 2 साल पहले जब यह स्क्रिप्ट सुनी थी तब वे थोड़ी अलग थी लॉक डाउन के दौरान इस पर और कड़ियां जोड़ी गई है।

मल्टी स्टारर और नए कलाकारों के साथ काम करने पर दीपिका का अपना अलग ही नजरिया है। वे कहती हैं इस तरह की फ़िल्म में काम करने के लिए जरूरी है कि हम एक दूसरे के साथ कंफर्टेबल हों। रिपोर्ट्स के मुताबिक दीपिका ने फ़िल्म के डायरेक्टर शकुन को आइडिया दिया कि हम सभी पहले गोवा जाते हैं और बाहर घूमते हैं, एक-दूसरे को जानते हैं और स्क्रिप्ट पढ़ते हैं, क्योंकि यह इस तरह फ़िल्म में रिश्ते बेहद वास्तविक महसूस होंगे।

पैन्डेमिक पर बात करते हुए दीपिका ने कहा कि बतौर एक्टर उनकी लाइफ पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है। फ़िल्म में ओटीटी पर रिलीज करने का ऑप्शन होने की वजह से ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ढ़ाई साल पहले जब हमने इस फ़िल्म की शुरुआत की थी तो सोचा नहीं था कि ओटीटी पर रिलीज करेंगे। उन्होंने कहा कि फ़िल्म के प्रोड्यूसर करण जौहर ने जब इसे ओटीटी पर रिलीज करने का निर्णय लिया तब वे ज्यादा खुश नहीं थी। लेकिन करण से मिलने के बाद उनका ओटीटी प्लेटफॉर्म के प्रति नजरिया बदला और करण ने उन्हें कहा कि ये ओटीपी के लिए सबसे अच्छी रहेंगी। दर्शकों की पसंद के बारे में बात करते हुए दीपिका ने कहा की अब लोग अलग तरह की कहानियाँ देखना पसंद करते हैं। लोग इस तरह की कहानियों देखते और सराहते हैं। मैं आशा करती हूँ कि आने वाले समय में लोग बेझिझक इस तरह की कहानियाँ सुनना और दिखाना पसंद करेंगे।