बृहस्पतिवार देर रात को अचानक नसीबपुर जेल घूसकांड में नया मोड़ आ गया। गुरुग्राम में मामले में आरोपित जेल उपाधीक्षक कुलदीप हुड्डा द्वारा आत्महत्या करने की खबर वायरल हो गई। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा नसीबपुर जेल के पूर्व जेल अधीक्षक अनिल कुमार व उपाधीक्षक कुलदीप हुड्डा ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की हुई थी। बृहस्पतिवार दोपहर को न्यायालय ने यह याचिका खारिज कर दी थी और आरोपितों पर गिरफ्तारी की तलवार इसके बाद से ही लटक रही थी। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस ने भी धरपकड़ तेज करने की तैयारी शुरू कर दी थी। जैसे ही बृहस्पतिवार रात को उन्होंने आत्महत्या की वैसे ही राजेंद्रा पार्क पुलिस टीम जांच के लिए मौैके पर पहुंच गई। करीब ढाई महीने से दोनों आरोपित फरार चल रहे थे।

नसीबपुर जेल में नौ दिसंबर 2021 को विजिलेंस टीम ने दो जेल वार्डनों को छापा मारकर एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। जेल वार्डनों ने दोनों आरोपित अधिकारियों के इस घूसकांड में शामिल होने का खुलासा किया था। गुरुग्राम के एक अधिवक्ता द्वारा आरोपित अधिकारियों के खिलाफ एक अन्य मामला भी दर्ज करवाया हुआ है।

एक लाख रुपये की मांग जेल की चक्की से बचने, मोबाइल और दूसरी सुविधाएं जेल वार्डन ने मुहैया करवाने के नाम पर की थी। इस संबंध में कैदी के छोटे भाई हंसराज ने पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन से शिकायत की थी। नसीबपुर जेल में विजिलेंस टीम ने हंसराज की शिकायत पर तैनात राजन नामक जेल वार्डन से एक लाख रुपये रंगे के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया था। विजिलेंस टीम को राजन ने बताया था कि उसने गजे सिंह वार्डन के कहने पर एक लाख रुपये की राशि ली है।