दिल्ली के CM Rekha Gupta ने लंच विद रेखा गुप्ता कार्यक्रम में युवाओं से बातचीत की, कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने और विकसित दिल्ली के रोडमैप पर चर्चा की। 2026 तक समाधान और जनभागीदारी पर फोकस।
राष्ट्रीय युवा दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली के CM Rekha Gupta ने युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम “लंच विद रेखा गुप्ता” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने दिल्ली के विकास, सरकारी नीतियों और आगामी योजनाओं पर खुलकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी का भविष्य युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करता है और केवल समस्याओं की शिकायत करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाधान का हिस्सा बनना जरूरी है।
CM Rekha Gupta ने अपने 11 महीने के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि विकसित दिल्ली का सपना तभी साकार होगा जब सरकार और जनता मिलकर काम करेंगे। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने सुझाव दें, कमियों की ओर ध्यान दिलाएं और यह भी बताएं कि वे आने वाले वर्षों में दिल्ली को किस रूप में देखना चाहते हैं।
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2026 के अंत तक खत्म होंगे दो बड़े कूड़े के पहाड़
युवा प्रतिनिधि प्रफुल्ल गर्ग ने गाजीपुर, भलस्वा और ओखला के कूड़े के पहाड़ों का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में प्रतिदिन 10-11 हजार मीट्रिक टन कूड़ा उत्पन्न होता है। मौजूदा सरकार ने बायो-माइनिंग क्षमता बढ़ाकर इसे 30-35 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन तक कर दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 2026 के अंत तक ये दो बड़े कूड़े के पहाड़ पूरी तरह खत्म कर दिए जाएंगे।
युवाओं की भागीदारी और जनसंवाद
लगभग 30 युवाओं ने संवाद में भाग लिया, जिनमें सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेन-जेड की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ऐसे संवाद और आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के विजन के अनुरूप काम कर रही है।
पशु कल्याण और सुरक्षा
CM Rekha Gupta ने कहा कि सरकार किसी भी क्रूर नीति में विश्वास नहीं करती। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत स्ट्रीट डॉग्स के लिए स्टेरलाइजेशन, वैक्सीनेशन और पशु चिकित्सालयों के पुनर्जीवन पर काम किया जा रहा है।
CM Rekha Gupta की दिनचर्या
CM Rekha Gupta ने साझा किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद दिन-रात का फर्क समाप्त हो गया है। सुबह 5:30 बजे से देर रात तक वे प्रशासनिक, नीतिगत और जनसंपर्क कार्यों में व्यस्त रहती हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हर समस्या का समाधान जन-भागीदारी में ही छिपा है और सरकार और जनता मिलकर ही स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित दिल्ली का सपना पूरा कर सकते हैं।
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