मध्य प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा परिषद (एमपी बोर्ड) की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में अब कोरोना से संक्रमित विद्यार्थी भी शामिल हो पाएंगे। ऐसे छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र में हाई अलग से एक आइसोलेशन रूम बनाया जाएगा, जहां पर छात्र बैठकर परीक्षा दे सकेंगे । अपनी बीमारी के बारे में छात्र को एमपी बोर्ड को पूर्व में ही सूचना देनी होगी।

यह निर्णय मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड मीटिंग में मंगलवार को लिया गया। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में 17 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो होनी है। 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से – 12 मार्च तक चलेगी। वहीं 10वीं के पेपर 18 फरवरी से – 10 मार्च तक चलेंगे। इन परीक्षाओं में करीब 18 लाख छात्र शामिल होंगे। परीक्षा के लिए छात्रों को सुबह 8.30 बजे उपस्थित होना होगा , सुबह 8.45 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।

दिव्याँगो और दृष्टिहीन छात्रों को भी राहत:-

एमपी बोर्ड ने परीक्षा के दौरान दिव्यांग या घायल छात्रों को भी विभिन्न तरह से राहत देने का एक अच्छा निर्णय लिया है। मानसिक दिव्याँग, दृष्टिहीन एवं हाथ की हड्डी टूट जाने अथवा हाथ से असमर्थ होने के कारण लिखने में असक्षम छात्र लिखने के लिए किसी राइटर की मदद ले सकते हैं। उन्हें विषय चयन, अतिरिक्त समय, परीक्षा शुल्क से छूट, कम्प्यूटर या टाइप राइटर चयन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।इससे पहले कोरोना की वजह से परीक्षाएं आगे बढ़ाने की चर्चा हो रही थी, मगर मध्य प्रदेश के स्कूली शिक्षा मंत्री ने यह साफ कर दिया कि मध्य प्रदेश में अब कोरोना केस कम होने के चलते , बोर्ड परीक्षाएं तय टाइम टेबल पर ही कराई जाएंगी।

परीक्षा केंद्र पर कोविड 19 गाइडलाइन का पालन कराया जाएगा :-
एमपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों (MP Board Exam Centre) में सोशल डिस्टेंसिंग का सख़्ती से पालन कराया जाएगा. सभी छात्र-छात्राओं को मास्क लगाकर परीक्षा केंद्रो में आना होगा । छात्र अपने साथ सैनिटाइजर और पानी की बॉटल लेकर जा सकेंगे. कोविड 19 लक्षण वाले छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र पर ही अलग से कमरे तैयार किए जा रहे हैं।