वॉश‍िंगन। पेंटागन ने काबुल में एक अमेरिकी ड्रोन हमले के वीडियो फुटेज को सार्वजनिक रूप से जारी किया है। अमरीकी सैनि‍कों की वतनवापसी से कुछ घंटों पहले इस ड्रोन हमले को अंजाम दिया गया था। जिसमें 10 नागरिक मारे गए थे। इस ड्रोन हमले को पूरी तरह से असफल बताया गया था और इसे सीक्रेट लिस्‍ट में डाल दिया गया था। जिसे अब आकर गोपनीयता की लिस्‍ट से बाहर किया गया है।

ऐसे मिला वीडियो
न्यूयॉर्क टाइम्स ने यूएस सेंट्रल कमांड के खिलाफ सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम के मुकदमे के माध्यम से फुटेज प्राप्त किया, जिसके बाद इस वीडियो को अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किया। यह 29 अगस्त की हड़ताल के वीडियो फुटेज की पहली सार्वजनिक रिलीज को चिह्नित करता है, जिसे पेंटागन ने शुरू में बचाव किया था लेकिन बाद में इसे एक दुखद गलती कहा था।

कुछ ऐसे दिख रहे हैं वीडियो के दृश्‍य
वीडियो में टाइम्स द्वारा रिपोर्ट की गई दो एमक्यू-9 रीपर ड्रोन से लगभग 25 मिनट की फुटेज शामिल है, जो गली में एक नागरिक कार को मिसाइल से टकराने से पहले, उसके दौरान और बाद में हड़ताल का दृश्य दिखा रहा था। अस्पष्ट छवियां व्यक्तियों को हमले के क्षेत्र में या उसके पास चलती हुई दिखाती हैं। सेना ने कहा है कि उसने इस्लामिक स्टेट समूह के अफगानिस्तान सहयोगी चरमपंथी को मार गिराया है, जो काबुल हवाई अड्डे के पास एक बम विस्फोट कर सकता था, जहां से लोगों को निकाला जा रहा था।

अमरीकी सेना ने मानी गलती
तीन दिन पहले हवाई अड्डे पर एक आत्मघाती बम विस्फोट में 13 अमेरिकी सैनिकों और 160 से अधिक अफगानों की मौत हो गई थी। जब उसने बाद में 29 अगस्त के ड्रोन हमले में अपनी गलती को स्वीकार किया, तब मध्य कमान ने कहा कि कार चलाने वाले का आईएस समूह से कोई लेना-देना नहीं है। वह व्यक्ति ज़मारी अहमदी था, जो अमेरिका स्थित सहायता संगठन, न्यूट्रिशन एंड एजुकेशन इंटरनेशनल के लिए काम करता था।