उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण से पहले ही पार्टियों के बीच वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है. कोई राजनैतिक पार्टी किसी पर कटाक्ष करने में पीछे नहीं दिख रही है. बीजेपी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP)के बीच तू-तू-मैं-मैं सबसे ज्यादा देखी जा रही है. और हो भी क्यों न, यही दोनो पार्टियां इस वक्त up के चुनावी रण में डटी हुई है,

बुधवार को समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यूपी के औरैया (Auraiya,UP) में एक जनसभा में भाजपा पर हमला बोला.

उन्होंने केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को जमानत मिलने को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी पर कटाक्ष किया, इस बारे में अखिलेश ने यूपी के औरैया में कहा, “किसानों पर जीप चढ़ाने वालों की जमानत कराने वालों की तो जनता ही जमानत जब्त कराएगी.

अखिलेश ने आगे कहा, “जिन्हें कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करना हो वो लोग हमारे साथ ना आएं. हम कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सबसे पहले सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे. UP में पहले और दूसरे चरण के मतदान में सपा गठबंधन तो आगे निकल चुका है. अब बाकी चरणों में वोट पड़ेंगे तो जो lof गर्मी निकालने वाले है उनका ख़ुद धुआं निकल जाएगा.

 

सपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि अगर प्लास्टिक कारखाने (plastic factory) के लिए अगर हमें कोई विशेष सब्सिडी या सहयोग देना पड़ेगा तो वो भी हम बजट से ही देंगे. ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) बनाएंगे, जिससे पूरे उत्तर प्रदेश और देश में यहीं से प्लास्टिक का सामान (plastic articals) जाएगा.

 

अखिलेश ने कहा, यह UP की बदहाली को यहां की खुशहाली में बदलने का चुनाव है. हर समय युवाओं और किसानों को अपमानित होना पड़ा. इस सरकार से किसी व्यक्ति को भी न्याय नहीं मिल पाया. अगर पिछले 5 साल में इस सरकार से किसी एक को नौकरी मिली हो तो ही बता दो.

 

अपको बता दे की आगामी 20 फरवरी को UP के 16 जिलों की 59 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है. इन 59 सीटों में से 30 यानी लगभग आधी सीटें ऐसी हैं जो यादव बहुल आबादी वाली सीट हैं. भाजपा का फोकस यादव बहुल आबादी वाली इन विधानसभा सीटों को अपने पाले में करना है. पिछले विधानसभा चुनाव 2017 में सपा के गढ़ में भाजपा ने कमल खिलाने में कामयाब भी रही थी.

20 17 के चुनाव में भाजपा ने 59 में से 49 सीट जीती थी. सपा के हिस्से 8 सीटें आई थीं. जबकि कांग्रेस(कांग्रेस) और बीएसपी (BSP)को सिर्फ एक-एक सीट ही मिल पाई थी. भाजपा पिछले चुनाव के इतिहास को दोहराना चाहती है जहां तीसरे चरण में करहल सीट पर भी वोटिंग होगी. इस सीट पर अखिलेश का सीधा मुकाबला बीजेपी के एसपी सिंह बघेल (SP Singh Baghel) से हैं जो केंद्र में मंत्री रहते हुए ही इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.