नेशनल डेस्‍क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार यानी आज शाम पांच बजे हैदराबाद में 216 फीट लंबी “Statue of Equality” का उद्घाटन करेंगे। रामानुजाचार्य ने जीवन के सभी पहलुओं में समानता के विचार को बढ़ावा दिया है। उनकी मूर्ति “पंचलोहा” से बनी है, जो पांच धातुओं – सोना, चांदी, तांबा, पीतल और जस्ता का संयोजन है। यह दुनिया में बैठने की स्थिति में सबसे ऊंची धातु की मूर्तियों में से एक है। प्रतिमा का उद्घाटन 12 दिवसीय श्री रामानुज सहस्रब्दी समारोह, संत की 1,000वीं जयंती समारोह का एक हिस्सा है।

हैदराबाद जाएंगे पीएम मादी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11वीं सदी के भक्ति संत श्री रामानुजाचार्य की स्मृति में 216 फीट ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी’ का उद्घाटन करने के लिए शुक्रवार को हैदराबाद जाएंगे। प्रधानमंत्री शाम करीब 5 बजे हैदराबाद में ‘समानता की मूर्ति’ राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स के लिए अंतर्राष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) की 50वीं वर्षगांठ समारोह में भी भाग लेंगे।

पीएम मोदी ने दिया ट्वीट
आज एक ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, “मैं दो कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए आज हैदराबाद में होने का इंतजार कर रहा हूं। दोपहर करीब 2:45 बजे, मैं कृषि और नवाचार से संबंधित पहलुओं पर काम करने वाली एक महत्वपूर्ण संस्था आईसीआरआईएसएटी की 50वीं वर्षगांठ समारोह में शामिल होऊंगा।” शाम 5 बजे, मैं ‘समानता की मूर्ति’ के उद्घाटन के कार्यक्रम में शामिल होऊंगा। यह श्री रामानुजाचार्य को उचित श्रद्धांजलि है, जिनके पवित्र विचार और शिक्षाएं हमें प्रेरित करती हैं।

इसका भी होगा उद्घाटन
मोदी हैदराबाद में सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स (ICRISAT) के लिए अंतर्राष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान की 50वीं वर्षगांठ समारोह का भी उद्घाटन करेंगे। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री पौधा संरक्षण पर ICRISAT की जलवायु परिवर्तन अनुसंधान सुविधा और ICRISAT की रैपिड जनरेशन एडवांसमेंट सुविधा का भी उद्घाटन करेंगे। सुविधाएं एशिया और उप-सहारा अफ्रीका के छोटे किसानों को समर्पित हैं। एक स्मारक टिकट भी जारी किया जाएगा। आईसीआरआईएसएटी एशिया और उप-सहारा अफ्रीका में विकास के लिए कृषि अनुसंधान में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है।

Statue of Equality, जानिए सबकुछ
– प्रतिमा की परिकल्पना श्री रामानुजाचार्य आश्रम के श्री चिन्ना जीयर स्वामी ने की है।
– यह ‘पंचलोहा’ से बना है, जो पांच मेटल का कांबि‍नेशन है, जिसमें सोना, चांदी, तांबा, पीतल और जस्ता शामिल है। यह दुनिया में बैठने की स्थिति में सबसे ऊंची धातु की मूर्तियों में से एक है।
– यह मूर्ति ‘भद्र वेदी’ नाम की 54 फीट ऊंची इमारत पर स्थापित है।
– इमारत में एक वैदिक डिजिटल लाइब्रेरी और रिसर्च सेंटर, प्राचीन भारतीय ग्रंथ, श्री रामानुजाचार्य के कई कार्यों का विवरण देने वाला एक थिएटर है।
– प्रतिमा का उद्घाटन उनकी 1000वीं जयंती के 12 दिवसीय समारोह का हिस्सा है।