Pongal 2026: जानें पोंगल कब है – 13 या 14 जनवरी? सही तारीख, मुहूर्त, चार दिन का महत्व और पूजा विधि। पूरा गाइड पढ़ें।
Pongal 2026 Date: दक्षिण भारत का सबसे बड़ा त्योहार पोंगल हर साल जनवरी के महीने में मनाया जाता है और यह तमिल समुदाय का प्रमुख उत्सव माना जाता है। जैसे-जैसे पोंगल नजदीक आता है, लोगों के मन में अक्सर सवाल उठता है कि पोंगल 13 जनवरी को है या 14 जनवरी को? इस साल Pongal 2026, 14 जनवरी से 17 जनवरी तक मनाया जाएगा।
साल 2026 में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का समय शाम 5:43 बजे रहेगा। इस दिन का मुहूर्त बेहद शुभ माना जाता है। उत्तर भारत में मकर संक्रांति का उत्सव मनाया जाता है, जबकि दक्षिण भारत में पोंगल का जश्न चार दिनों तक चलता है।
पोंगल का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
कृतज्ञता का पर्व: पोंगल पर्व प्रकृति, सूर्य देव और मवेशियों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। यह त्योहार किसानों की मेहनत और उनकी फसलों की सफलता का प्रतीक है।
समृद्धि का प्रतीक: पोंगल के दिन घरों में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है। यह तमिल कैलेंडर के थाई महीने की शुरुआत भी है। कहा जाता है, “थाई पिरंधाल वज़ी पिरक्कुम” यानी नए महीने की शुरुआत के साथ नए रास्ते खुलते हैं।
चार दिन का उत्सव: पोंगल का उत्सव चार दिनों तक चलता है, और हर दिन का अपना विशेष महत्व और परंपरा है।
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Pongal 2026 के चार दिन और उनकी परंपराएं
भोगी पोंगल (14 जनवरी): यह दिन देवराज इंद्र को समर्पित है। लोग अपने घर की सफाई करते हैं और पुराने सामान को बाहर निकालकर जलाते हैं। यह बुराई के अंत और नई शुरुआत का प्रतीक है।
सूर्य पोंगल (15 जनवरी): पोंगल का मुख्य दिन। इस दिन नए मिट्टी के बर्तन में नए चावल, दूध और गुड़ डालकर पोंगल बनाया जाता है। जैसे ही चावल बर्तन से बाहर गिरता है, लोग खुशी में “पोंगल-ओ-पोंगल” का उद्घोष करते हैं। इसे सूर्य देव को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है।
मट्टू पोंगल (16 जनवरी): इस दिन खेती में काम आने वाले मवेशियों, खासकर बैलों और गायों की पूजा की जाती है। उन्हें नहलाया जाता है, रंगा जाता है और माला पहनाकर सम्मानित किया जाता है। इस दिन तमिलनाडु के प्रसिद्ध खेल जल्लीकट्टू का आयोजन भी होता है।
कानून पोंगल (17 जनवरी): उत्सव का अंतिम दिन। परिवार के सभी सदस्य मिलकर पूजा करते हैं और खुशियां मनाते हैं। महिलाएं अपने भाइयों और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजा करती हैं और लोग एक-दूसरे के घर मिठाइयां बांटते हैं।
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