प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम को ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यूक्रेन की स्थिति पर पिछले 24 घंटों में आयोजित यह तीसरी समीक्षा बैठक थी। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई कि बुडापेस्ट (हंगरी) और बुखारेस्ट (रोमानिया) से छह उड़ानों से अब तक करीब 1,400 भारतीय नागरिक यूक्रेन से आ चुके हैं, जबकि और 182 मंगलवार सुबह मुंबई पहुंचेंगे। मोदी को यह भी बताया गया कि मोल्दोवा से बाहर निकलने के लिए एक नए मार्ग की पहचान की गई है और इस देश में भारतीयों के प्रवेश की सुविधा के लिए रोमानिया में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों द्वारा उचित व्यवस्था की जा रही है।

मोदी ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को भारत के लिए प्रस्थान करने तक पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और रोमानिया जाने वाले छात्रों के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया। केंद्रीय मंत्री एस. जयशंकर, हरदीप सिंह पुरी, जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. सिंह, किरण रिजिजू, पीयूष गोयल और ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

सोमवार की सुबह, मोदी ने एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जहां उन्हें ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत निकासी मिशन की प्रगति के बारे में अद्यतन किया गया, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि चार केंद्रीय मंत्री यूक्रेन के पड़ोसी देशों में विशेष दूत के रूप में निकासी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया और मोल्दोवा, किरेन रिजिजू स्लोवाकिया, हरदीप सिंह पुरी हंगरी और वी.के. सिंह पोलैंड जा रहे हैं।