चडीगढ़: जहां पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव करीब आ गए हैं वहां पंजाब राज्य में भाजपा ने 14 फरवरी को मतदान टालने की अपील चुनाव आयोग से की है हालांकि इससे पहले बसपा व कांग्रेस भी चुनाव टालने की मांग कर चुुुुुुकी हैं।

भारतीय जनता पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी रविवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मतदान टालने की मांग की है। इसकी वजह 16 फरवरी को होने वाली संत गुरु रविदास की जयंती बताई जा रही है।

भाजपा ने पत्र में लिखा है कि 16 फरवरी को गुरु रविदास जयंती का पावन पर्व होने के कारण राज्य का एक बड़ा वर्ग वाराणसी जा सकता है। ऐसे में यदि राज्य में मतदान हुआ तो वह लोग वोट देने के अधिकार से वंचित रह जाएंगे। ऐसे में भाजपा पंजाब चुनाव आयोग से राज्य में 14 फरवरी को होने वाले मतदान को कुछ दिन आगे बढ़ाने की मांग करती है।

 

सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि राज्य में विधानसभा चुनाव की पूर्व से तय तारीख को कम से कम छह दिनों के लिए और बढ़ाया जाए। अपने खत में चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि वो दलित समुदाय से प्रतिनिधित्व करते हैं।

कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं केजरीवाल

वहीं अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी कड़ी टक्कर देने की तैयारी में हैं। पिछली बार केजरीवाल की पार्टी, सूबे में नम्बर दो पर रही थी इस बार केजरीवाल नम्बर वन बनने की रेस में हैं । केजरीवाल पंजाब में वोट लुभाने के लिए सभी रणनीति अपना रहे हैं पिछले दिनों केजरीवाल ने कहा कि वे आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर बेअदबी के पुराने सभी मामलों की वे जांच कराएंगे और दोषियों को ऐसी सजा दिलाएंगे कि फिर कोई ऐसी हिम्मत नहीं करेगा। पंजाब कांग्रेस ने कल ही 86 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की है। जिसमें में से 9 सीटों पर महिलाओं को टिकट दिया है।

जैसा कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार तय था कि राज्य के सभी 117 सीटों पर 14 फरवरी को मतदान होगा। वहीं वोटों की गिनती 10 मार्च को की जाएगी। पंजाब में चुनाव के लिए नोटिफिकेशन 21 जनवरी को जारी होना है। 28 जनवरी तक नामांकन कर सकेंगे, 29 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 31 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकेंगे‌। और 10 मार्च को चुनावों के नतीजे आएंगे‌।