राजस्थान में 2,839 गिरदावर सर्किलों में 23 जनवरी से ग्राम उत्थान शिविर आयोजित होंगे। किसानों और ग्रामीणों को कृषि, पशुपालन, आवास, ऊर्जा और रोजगार योजनाओं का एक ही स्थान पर लाभ मिलेगा।
राजस्थान सरकार ने किसानों और ग्रामीणों को सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की है। ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM)-2026’ से पहले प्रदेश के सभी 2,839 गिरदावर सर्किलों में 23 जनवरी से ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से कृषि, पशुपालन, आवास, ऊर्जा, डेयरी और स्वरोजगार से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार ये शिविर दो चरणों में आयोजित होंगे। पहले चरण में 23, 24, 25 और 31 जनवरी को तथा दूसरे चरण में 1 फरवरी और 5 से 9 फरवरी तक शिविर लगाए जाएंगे। सभी शिविर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे। ग्रामीणों को इसकी जानकारी 22 जनवरी को ग्राम सभाओं के माध्यम से दी जाएगी।
किसानों को मिलेंगी कई सुविधाएं एक मंच पर
ग्राम उत्थान शिविरों में किसानों को तारबंदी, पाइपलाइन, फार्म पॉन्ड, बैलों से खेती प्रोत्साहन योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड सत्यापन और बीज मिनीकिट जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली, प्लास्टिक मल्च और सोलर पंप संयंत्रों की स्वीकृतियां भी दी जाएंगी। मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के आवेदनों का त्वरित निस्तारण भी शिविरों में किया जाएगा।
पशुपालकों और डेयरी किसानों को राहत
पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकरण, पशुओं के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, फर्टिलिटी किट वितरण और डेयरी सहकारी समितियों का पंजीयन किया जाएगा। इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड और कस्टम हायरिंग सेंटर से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
आवास, ऊर्जा और रोजगार योजनाओं का लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बने मकानों में लाभार्थियों का गृह प्रवेश कराया जाएगा। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, युवा स्वरोजगार योजना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना से संबंधित सर्वे और जागरूकता अभियान भी शिविरों में चलाए जाएंगे। स्वामित्व कार्डों का वितरण और नहरों की मरम्मत की जरूरतों की पहचान भी की जाएगी।
12 विभाग मिलकर करेंगे कार्य
इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, ग्रामीण विकास और पंचायती राज सहित कुल 12 विभाग भाग लेंगे। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। प्रभारी सचिव शिविरों का निरीक्षण करेंगे, जबकि जिला कलेक्टर स्थानीय व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
GRAM-2026 को मिलेगा बढ़ावा
गौरतलब है कि GRAM-2026 में देश-विदेश से किसान, कृषि विशेषज्ञ और तकनीकी प्रदर्शक भाग लेंगे। इन ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और प्रदेश की कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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