उत्तराखण्ड

Rishikesh के चारधाम यात्रा से पहले, लोग इन पांच प्रसिद्ध मंदिरों का दौरा करते हैं।

Rishikesh ( ऋषिकेश):

Rishikesh, चार धाम का गेटवे भी कहलाता है, एक पावन तीर्थस्थल है। पुराने समय में जब मोटर मार्ग नहीं थे तब प्रत्येक ऋषिकेश मंदिर में दर्शन करने के बाद चार धाम यात्रा की जाती थी। वहीं, अभी भी बहुत से लोग यात्रा से पहले यहां आते हैं।

Rishikesh का सबसे प्राचीन मंदिर भरत मंदिर है, जो मुख्य बाजार में है। ये मंदिर भगवान विष्णु का है। और उन्ही के नाम पर इस स्थान को ऋषिकेश कहा जाता है। यहां भगवान विष्णु के चरण साल में सिर्फ एक बार अक्षय तृतीया के दिन करवाए जाते हैं,  जब चार धाम के कपाट खुलते हैं।

Bharat Mandir Rishikesh - Rishikesh Travel Agent

Rishikesh के लक्ष्मण झूला के पास ही प्राचीन सत्यनारायण मंदिर है। लगभग पांच सौ वर्ष पुराने इस मंदिर का इतिहास है। पुराने समय में जब मोटर मार्ग नहीं थे तब सभी यात्री इस मंदिर में दर्शन करके रात विश्राम करने के बाद यात्रा करते थे।

Prachin Shri Satyanarayan Mandir in Dhaba Road,Ujjain - Best Temples in ...

Rishikesh के गरुण चट्टी में स्थित गरुण मंदिर उत्तराखंड का एकमात्र देव मंदिर है। ऋषिकेश से दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित ये मंदिर भगवान विष्णु के वाहन गरुण देव को समर्पित है। भगवान विष्णु ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद दिया कि इस मंदिर में दर्शन करने के बाद भी किसी भक्त को बद्रीनाथ धाम नहीं जाना पड़ेगा।

(2024) 17 Top Tourist Places & Offbeat Places In Rishikesh

Rishikesh के लक्ष्मण झूला में श्री सच्चा अखिलेश्वर मंदिर के सामने ही आदि बद्री द्वारकाधीश मंदिर है। ये मंदिर भगवान विष्णु के नाम पर बनाए गए हैं। यहां आपको चारो धाम का गंगा जल मिलेगा। पुराने समय में, लोग चार धाम से पहले इस मंदिर को देखते थे। इसके अलावा, अगर कोई चार धाम नहीं जा सकता या वहां से जल नहीं ला सकता, तो वह वहाँ से चार धाम का जल ले जा सकता है।

Shri Akhileshwar Mahadev Mandir (श्री अखिलेश्वर महादेव मंदिर) - YouTube

Rishikesh के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है गौरी शंकर महादेव मंदिर, जो त्रिवेणी संगम के पास है। यहां माता पार्वती ने करीब 60,000 वर्षों तक ऋषि के तप से उठने की प्रतीक्षा की। जब मोटर मार्ग की सुविधा नहीं थी। तब ये रास्ता बद्रीनाथ धाम का पैदल मार्ग हुआ करता था. त्रिवेणी में स्नान करके सभी भक्त इस मंदिर का दर्शन करके फिर अपनी यात्रा शुरू करते थे।

Gaurishankar Mahadev Temple, Haridwar | Location, Entry Fees - Holidify

Related Articles

Back to top button
Share This
9 Tourist Attractions You Shouldn’t Miss In Haridwar चेहरे पर चाहिए चांद जैसा नूर तो इस तरह लगायें आलू का फेस मास्क हर दिन खायेंगे सूरजमुखी के बीज तो मिलेंगे इतने फायदे हर दिन लिपस्टिक लगाने से शरीर में होते हैं ये बड़े नुकसान गर्मियों के मौसम में स्टाइलिश दिखने के साथ-साथ रहना कंफर्टेबल तो पहनें ऐसे ब्लाउज
9 Tourist Attractions You Shouldn’t Miss In Haridwar चेहरे पर चाहिए चांद जैसा नूर तो इस तरह लगायें आलू का फेस मास्क हर दिन खायेंगे सूरजमुखी के बीज तो मिलेंगे इतने फायदे हर दिन लिपस्टिक लगाने से शरीर में होते हैं ये बड़े नुकसान गर्मियों के मौसम में स्टाइलिश दिखने के साथ-साथ रहना कंफर्टेबल तो पहनें ऐसे ब्लाउज