राज्यदिल्ली

E20 पेट्रोल पर सियासी घमासान: AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में Rule 267 के तहत दिया नोटिस

AAP सांसद संजय सिंह ने अनिवार्य E20 पेट्रोल के मुद्दे पर राज्यसभा में Rule 267 के तहत नोटिस देकर तत्काल चर्चा की मांग की।

अनिवार्य E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बुधवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान E20 पेट्रोल के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए Rule 267 के तहत नोटिस दिया।

संजय सिंह ने अपने नोटिस में E20 पेट्रोल की अनिवार्य उपलब्धता, उपभोक्ता अधिकारों और वाहनों पर संभावित प्रभाव को लेकर केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि सदन के अन्य कामकाज को स्थगित कर इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराई जाए।

2030 का लक्ष्य 2025 करने पर संजय सिंह ने उठाए सवाल

AAP सांसद ने केंद्र सरकार के 20 प्रतिशत एथेनॉल-ब्लेंडिंग लक्ष्य को 2030 से आगे बढ़ाकर 2025 में हासिल करने के फैसले पर आपत्ति जताई। उनका दावा है कि देशभर के कई पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल प्रमुख ईंधन बन गया है, जिससे वाहन मालिकों के सामने सीमित विकल्प रह गए हैं।

संजय सिंह ने कहा कि कई वाहन ऐसे हैं जिन्हें E20 ईंधन के लिए डिजाइन या प्रमाणित नहीं किया गया था। उन्होंने उपभोक्ताओं को ईंधन चुनने का विकल्प और पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

माइलेज को लेकर भी उठाया मुद्दा

संजय सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के संसद में दिए गए कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि E20 पेट्रोल से वाहन के प्रकार और उम्र के आधार पर 2 से 6 प्रतिशत तक ईंधन दक्षता में कमी आ सकती है।

AAP सांसद ने दावा किया कि कई वाहन मालिकों ने माइलेज में कमी, इंजन प्रदर्शन में बदलाव, बढ़ते मेंटेनेंस खर्च और लंबे समय में इंजन की टिकाऊ क्षमता को लेकर चिंता जताई है।

उनके मुताबिक, यदि एक ही दूरी तय करने के लिए वाहन को अधिक ईंधन की जरूरत पड़ती है, तो इसका सीधा असर वाहन मालिकों के खर्च पर पड़ सकता है।

रायपुर के उपभोक्ता मामले का भी किया जिक्र

संजय सिंह ने अपने नोटिस में रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के एक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि आयोग ने E20 ईंधन से वाहन के इंजन को नुकसान होने के निष्कर्ष के बाद वाहन बदलने और मुआवजा देने का आदेश दिया था।

AAP सांसद ने इस मामले का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को E20 से वाहन को नुकसान होने की शिकायत है, तो उसके लिए उचित कानूनी और संस्थागत सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हुई कार्यवाही के दौरान अटॉर्नी जनरल द्वारा E20 को कथित तौर पर ‘experiment’ बताए जाने का भी मुद्दा उठाया। संजय सिंह ने कहा कि करोड़ों उपभोक्ताओं को बिना पर्याप्त सुरक्षा और जानकारी के किसी बड़े प्रयोग का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।

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अरविंद केजरीवाल के पत्र का भी किया उल्लेख

संजय सिंह ने दावा किया कि AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर E20 पेट्रोल के संभावित प्रभावों पर चर्चा के लिए बैठक की मांग की थी।

संजय सिंह के अनुसार, केजरीवाल ने पेट्रोल पंपों पर रेगुलर पेट्रोल और E20 पेट्रोल दोनों उपलब्ध कराने की मांग की थी, ताकि उपभोक्ता अपनी जरूरत और वाहन के अनुसार ईंधन का चुनाव कर सकें।

टैक्सी, ऑटो और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर का दावा

AAP सांसद ने E20 नीति को केवल वाहन ईंधन का मुद्दा नहीं बताते हुए इसे उपभोक्ता अधिकार, पारदर्शिता, ऊर्जा नीति और आर्थिक न्याय से भी जोड़ा।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का असर मध्यम वर्गीय परिवारों के अलावा टैक्सी चालकों, ऑटो-रिक्शा चालकों, ट्रांसपोर्टरों, डिलीवरी कर्मचारियों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ सकता है।

संजय सिंह ने एथेनॉल उत्पादन से किसानों को होने वाले लाभ पर भी सवाल उठाया और अमेरिकी किसानों को फायदा होने का दावा किया। यह दावा संजय सिंह के नोटिस का हिस्सा है और स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

Rule 267 के तहत तत्काल चर्चा की मांग

संजय सिंह ने राज्यसभा में दिए नोटिस में मांग की कि Rule 267 के तहत सदन का निर्धारित कामकाज स्थगित करके E20 पेट्रोल के मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराई जाए।

उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों लोगों के वाहन, रोजमर्रा के खर्च, आजीविका और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है। अब इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग के बाद E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक और नीतिगत बहस और तेज होने के आसार हैं।

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