SARS-CoV-2 वायरस का अत्यधिक संक्रामक वेरिएंट ओमिक्रॉन- जिसे BA.1 के नाम से भी रूप में जाना जाता है, अब विश्व स्तर पर लगभग सभी कोरोना वायरस के मामलों का ज़िम्मेदार है, हालांकि कुछ देशों में कोविड के मामले नाटकीय ढंग से चरम पर हैं। वैज्ञानिक अब BA.2 नामक ओमिक्रॉन के करीबी वेरिएंट के कारण होने वाले मामलों में वृद्धि पर नज़र रख रहे हैं, जिसने यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों में BA.1 को पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। तो आइए जानें कि अभी तक इस नए सब-वेरिएंट के बारे में क्या पता है?
Coronavirus वैज्ञानिक अब BA.2 नामक ओमिक्रॉन के करीबी वेरिएंट के कारण होने वाले मामलों में वृद्धि पर नज़र रख हुए रहे हैं जिसने यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों में BA.1 को पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Coronavirus: SARS-CoV-2 वायरस का अत्यधिक संक्रामक वेरिएंट ओमिक्रॉन- जिसे BA.1 के नाम से भी रूप में जाना जाता है, अब विश्व स्तर पर लगभग सभी कोरोना वायरस के मामलों का ज़िम्मेदार है, हालांकि कुछ देशों में कोविड के मामले नाटकीय ढंग से चरम पर हैं। वैज्ञानिक अब BA.2 नामक ओमिक्रॉन के करीबी वेरिएंट के कारण होने वाले मामलों में वृद्धि पर नज़र रख रहे हैं, जिसने यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों में BA.1 को पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। तो आइए जानें कि अभी तक इस नए सब-वेरिएंट के बारे में क्या पता है?

25 जनवरी को जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में 98.8 प्रतिशत कोविड के मामलों के पीछे ओमिक्रॉन ज़िम्मेदार पाया गया था, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अब कई देशों में BA.2 नामक उपप्रकार में मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। ओमिक्रॉन के BA.1 संस्करण को ट्रैक करना पहले के संस्करणों से कुछ आसान हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि BA.1 में एक सामान्य PCR टेस्ट में तीन टार्गेट जीन्स में से एक गायब है। जिन मामलों में इस तरह का पैटर्न देखा गया उन्हें मान लिया गया कि वे BA.1 की वजह से ही हुए हैं।BA.2, जिसे कभी-कभी ‘स्टेल्थ’ यानी छिपा हुआ सब-वेरिएंट भी कहा जा रहा है, में भी वही टार्गेंट जीन नहीं है। जैसा कि दूसरे वेरिएंट्स के साथ है, BA.2 द्वारा हुए इंफेक्शन का पता भी कोरोना वायरस होम-किट्स की मदद से किया जा सकता है। हालांकि, उसमें यह नहीं पता चलता कि संक्रमण किस वेरिएंट की वजह से हुआ है।

क्या ओमिक्रॉन से ज़्यादा संक्रामक है?

कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, BA.2, पहले से मौजूद ओमिक्रॉन BA.1 की तुलना ज़्यादा संक्रामक हो सकता है। हालांकि, इसे साबित करने के लिए अभी तक कोई सबूत नहीं हैं। साथ ही यह वैक्सीन से मिली एंटीबॉडीज़ को चमका देने में सक्षम भी है। वहीं, डेनमार्क के स्वास्थ्य अधिकारियों का अनुमान है कि प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर BA.2, BA.1 की तुलना में 1.5 गुना अधिक संक्रामक हो सकता है। हालांकि, यह ज़्यादा गंभीर संक्रमण का कारण नहीं बन रहा है। अच्छी बात यह है कि एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैक्सीन्स और बूस्टर शॉट्स अभी भी लोगों को गंभीर इंफेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती होने से और मौत के ख़तरे से बचा रहे हैं।