जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश को ₹18,515 करोड़ का राजस्व मिला। GST में कमी के बावजूद वैट, आबकारी, स्टांप-निबंधन और परिवहन करों ने इसे पूरा किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विवरण साझा किया।
यूपी सरकार को जनवरी 2026 में कुल ₹18,515.52 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष के समान महीने की तुलना में ₹1,089.58 करोड़ अधिक है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरुवार को बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक कुल राजस्व में ₹9,557 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि, इस बार GST और भूतत्व-खनिकर्म से राजस्व में मामूली गिरावट देखने को मिली, लेकिन वैट, आबकारी, स्टांप-निबंधन और परिवहन करों ने इस कमी को पूरी तरह पूरा किया।
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वित्त मंत्री के अनुसार, जनवरी में विभिन्न करों से राजस्व इस प्रकार रहा:
GST: ₹7,161.95 करोड़
वैट: ₹2,816.47 करोड़
आबकारी: ₹4,122.19 करोड़
स्टांप-निबंधन: ₹2,748.74 करोड़
परिवहन: ₹1,219.38 करोड़
भूतत्व-खनिकर्म: ₹446.79 करोड़
उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जनवरी तक सरकारी खजाने में कुल ₹1,68,999.72 करोड़ का राजस्व आया था, जबकि चालू वित्तीय वर्ष के पहले 10 महीनों में यह बढ़कर ₹1,78,556.43 करोड़ हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि GST में कमी के बावजूद अन्य करों की वृद्धि ने सरकार की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाए रखा है। आबकारी और स्टांप-निबंधन करों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी से राज्य सरकार के विकास कार्यों और सामाजिक योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन सुनिश्चित हुए हैं।
फाइनेंस मिनिस्टर ने जोर देकर कहा कि यूपी सरकार का लक्ष्य राज्य में वित्तीय स्थिरता और कर संग्रह में निरंतर वृद्धि बनाए रखना है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके।
इस प्रकार उत्तर प्रदेश की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है, और अन्य करों की वृद्धि ने GST में कमी के प्रभाव को कम कर दिया है, जिससे राज्य के विकास कार्यों को गति मिल रही है।
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