उत्तर प्रदेश:इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां को उनकी खानदानी बहू निंदा खान ने उनके बयान को लेकर घेरा है। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए बयान में निदा खान ने कहा, अगर उन्हें महिलाओं से हमदर्दी होती तो वह उनके खानदान की बहू थीं। कम सेें कम उन्हें ही इंसाफ दिला देते।

बता दें कि निदा खान आला हजरत खानदान की बहू रहीं हैं।मौलाना उस्मान आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां के बड़े भाई हैं। इस नाते निदा खान मौलाना तौकीर की भी बहू होती थीं। निदा का शीरान से लगभग साल भर में ही तलाक हो गया। मामला तीन तलाक का बना, इसके लिए निदा ने लंबी लड़ाई लड़ी। उनका मामला आज भी अदालत में चल रहा है।

तौकीर रजा इस समय कांग्रेस के साथ गठबंधन में शामिल हैं।निदा ने कांग्रेस-आईएमसी गठबंधन होने के बाद ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ के नारे पर दिए गए मौलाना तौकीर के बयान पर कटाक्ष किया है। मौलाना तौकीर ने इस नारे का हवाला देते हुए कहा था कि वह प्रियंका गांधी के साथ बड़े भाई की तरह खड़े हैं। तौकीर रजा के इस बयान पर घमासान मचा हुआ है निदा खान के साथ साथ सोशल मीडिया पर भी तौकीर रजा को उनके लिए बयान पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है।

निदा खान से जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि क्या मौलाना ने उनका साथ नहीं दिया तो नेता खान ने कहा कि, जब उनके भतीजे ने मुझे तलाक दिया तुम मौलाना ने हमें एकजुट करने की कोई भी कोशिश नहीं की। उनके घर से केवल फतवे जारी होते हैं न्याय नहीं मिलता। मौलाना के यहां महिलाओं के मान-सम्मान को कुचला गया। आज वही महिलाओं के हक की बात कर रहे हैं। यह सिर्फ जुमलेबाजी है।

निदा खान ने समाजवादी पार्टी को भी घेरते हुए कहा कि जब उन्हें तीन तलाक दिया गया तो वह इधर-उधर भटकती रहीं। पुलिस ने भी इस डर से सुनवाई नहीं की कि इतने बड़े खानदान के खिलाफ कार्रवाई कैसे करेे? जो भी कार्रवाई हुई, वह कोर्ट से हुई।

निदा खान ने कहा,सरकार आने के बाद उनको और उन जैसी महिलाओं को सुरक्षा और न्याय मिला। तीन तलाक़ को भी निदा ने महिलाओं के हित में करार दिया।