Vedanta के शेयर में 3% तक तेजी, 52-सप्ताह का नया हाई; नुवामा ने टारगेट ₹806 किया तय। डीमर्जर और मजबूत EBITDA से निवेशकों को फायदा।
Vedanta share: माइनिंग और धातु क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयर में आज BSE पर 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई। शेयर ने ₹659.55 के स्तर को छूकर 52 सप्ताह का नया उच्चतम स्तर बनाया। निवेशकों में उत्साह का मुख्य कारण ब्रोकरेज फर्म नुवामा द्वारा शेयर के लिए बढ़ाया गया टारगेट प्राइस और कंपनी के डीमर्जर को लेकर कानूनी मंजूरी का अंतिम चरण माना जा रहा है।
नुवामा ने Vedanta पर अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस को ₹686 से बढ़ाकर ₹806 कर दिया है। यह नुवामा का सबसे हाई टारगेट है और पिछले बंद भाव से लगभग 26 प्रतिशत अधिक है। शेयर पर नजर रखने वाले 14 एनालिस्टों में से 10 ने इसे “बाय” रेटिंग दी है जबकि बाकी 4 ने “होल्ड” की सलाह दी है।
डीमर्जर के चलते शेयरधारकों को लाभ
नुवामा के नोट के अनुसार, Vedanta 5 अलग-अलग एंटिटीज में डीमर्जर के लिए कानूनी मंजूरी के आखिरी चरण में है। इससे कंपनी के शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक होने की संभावना है। मुंबई की NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल) की बेंच ने 9 जनवरी 2026 को वेदांता के डीमर्जर को मंजूरी दी थी।
इसके अलावा, कमोडिटी की ऊंची कीमतें, लागत में कमी और उत्पादन वॉल्यूम की वृद्धि निवेशकों के नजरिए को मजबूत कर रही है। नुवामा ने अपने नोट में अनुमान लगाया कि वित्त वर्ष 2025-2028 के दौरान Vedanta का EBITDA 20% की CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी।
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ब्रोकरेज फर्मों ने बढ़ाए EBITDA अनुमान
वित्त वर्ष 2027 के लिए ब्रोकरेज ने वेदांता का EBITDA अनुमान 17% और वित्त वर्ष 2028 के लिए 8% बढ़ा दिया है। ये सुधार मुख्य रूप से धातु और खनिज की मजबूत कीमतों, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और लागत प्रबंधन के आधार पर किए गए हैं।
शेयर का प्रदर्शन
Vedanta का शेयर पिछले एक साल में लगभग 50 प्रतिशत मजबूत हुआ है। वहीं, एक महीने में यह 20% और दो साल में 140% बढ़ चुका है। कंपनी का मार्केट कैप ₹2.57 लाख करोड़ से अधिक है और प्रमोटर्स के पास सितंबर 2025 तक 56.38 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।
वित्तीय आंकड़े
जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में Vedanta का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 37.9 प्रतिशत घटकर ₹3479 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹5603 करोड़ था। कुल इनकम ₹40464 करोड़ रही, जो पिछली तिमाही में ₹38934 करोड़ थी। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹74295 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹17928 करोड़ रहा।
निवेशकों के लिए संदेश
विशेषज्ञों का कहना है कि डीमर्जर प्रक्रिया और नुवामा के उच्च टारगेट प्राइस से निवेशकों को लंबे समय में लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही, कंपनी की मजबूत कमोडिटी कीमतें और उत्पादन क्षमता इसे शेयर बाजार में आकर्षक विकल्प बनाती हैं।
निवेशक सलाहकारों के अनुसार, वेदांता का शेयर लंबी अवधि के लिए “बाय” रेटिंग के योग्य माना जा रहा है, जबकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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