वैशाख माह प्रदोष व्रत 2026: कब है, शुभ मुहूर्त और पूजा में ध्यान रखने योग्य बातें
वैशाख माह प्रदोष व्रत 2026: 15 अप्रैल को शुभ मुहूर्त में मनाएं व्रत। जानें पूजा विधि, नियम और शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए।
वैशाख माह प्रदोष व्रत 2026 भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का उत्तम अवसर है। इस व्रत का विशेष महत्व हिंदू धर्म में माना गया है। इसे रखने से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति आती है।
वैशाख माह प्रदोष व्रत 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त
वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत 2026 मनाया जाएगा। इस साल यह व्रत 15 अप्रैल 2026 को है। इस दिन का प्रदोष पूजा मुहूर्त शाम 6 बजकर 47 मिनट से रात 9 बजे तक रहेगा। यदि व्रत बुधवार के दिन पड़ता है, तो इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। बुध प्रदोष व्रत बुध ग्रह द्वारा नियंत्रित होता है और इसे बुद्धि, वाणी तथा व्यवसाय में सफलता प्राप्ति के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
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वैशाख माह प्रदोष व्रत 2026 के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
- प्रदोष व्रत के दिन शाम के समय प्रदोष काल में पुनः पूजा करना आवश्यक है।
- शिव पूजा के दौरान मन और तन दोनों की पवित्रता का ध्यान रखें।
- व्रत के दौरान नमक का सेवन न करें।
- पूजा में गलती होने पर भगवान शिव से क्षमा प्रार्थना करें।
- झूठ बोलने, क्रोध करने या वाद-विवाद करने से बचें।
- तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा का सेवन वर्जित है।
- मन में नकारात्मक विचार न लाएं और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
शिवलिंग पर न चढ़ाएं ये चीजें
वैशाख माह प्रदोष व्रत 2026 की पूजा के दौरान शिवलिंग पर सिंदूर, हल्दी, नारियल पानी, टूटे हुए चावल या केतकी के फूल अर्पित न करें। ऐसा करने से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता और अनिष्ट की संभावना बढ़ जाती है।
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