NEET 2026 पेपर लीक पर विधायक संजीव झा का बड़ा हमला। 2015 से 2026 तक बार-बार धांधली क्यों? जानें NTA और सरकार की विफलता पर क्या बोले AAP नेता। छात्रों के साथ न्याय की मांग।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (नीट) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। साल 2015, 2021, 2024 और अब 2026 ऐसा लगता है जैसे ‘पेपर लीक’ इस परीक्षा की नियति बन चुका है। हाल ही में संपन्न हुई NEET 2026 की परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर लीक की खबरों ने लाखों छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक संजीव झा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल पेपर लीक नहीं, बल्कि देश के लाखों होनहार बच्चों के सपनों का कत्लेआम है।
NEET पेपर फिर लीक।
और फिर लाखों बच्चों के सपनों के साथ खिलवाड़।2015, 2021, 2024… और अब 2026।
हर बार पेपर लीक, हर बार “जांच” का वादा, लेकिन आज तक कोई बड़ा आरोपी नहीं पकड़ा गया।पेपर से पहले सोशल Media पर लीक की खबर चल रही थी, फिर भी NTA कहता रहा — “सब कंट्रोल में है।”
मेहनत… pic.twitter.com/YiStM4TVsb
— Sanjeev Jha (@Sanjeev_aap) May 15, 2026
“सब कंट्रोल में है” के दावे निकले खोखले
संजीव झा ने सोशल मीडिया और मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि परीक्षा से कई घंटे पहले ही प्रश्नपत्र के कुछ हिस्से व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर तैर रहे थे। छात्रों और अभिभावकों ने आवाज उठाई, लेकिन NTA हर बार की तरह “सब कुछ नियंत्रण में है” का रटा-रटाया राग अलापता रहा।
उन्होंने सवाल उठाया: “जब परीक्षा से पहले ही खबरें सार्वजनिक थीं, तो NTA ने इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया? क्या तंत्र इतना लाचार है या जानबूझकर माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है?”
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2015 से 2026: आखिर बड़ा आरोपी कब पकड़ा जाएगा?
लेख के मुताबिक, संजीव झा ने पिछले एक दशक के आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2015 से लेकर आज 2026 आ गया है, लेकिन हर बार केवल छोटी मछलियों (सॉल्वर गैंग के गुर्गों) को पकड़कर खानापूर्ति कर दी जाती है। असली ‘माफिया’ जो पर्दों के पीछे बैठकर करोड़ों का खेल खेलते हैं, वे आज भी कानून की पहुंच से बाहर हैं।
मेहनत छात्रों की, फायदा माफिया का
संजीव झा ने भावुक होते हुए कहा, “एक मध्यमवर्गीय परिवार का बच्चा दिन-रात एक कर देता है। माता-पिता अपनी जमा-पूँजी कोचिंग और फॉर्म भरने में लगा देते हैं। बच्चे रातें जागकर मेहनत करते हैं, लेकिन अंत में उनका भविष्य उन माफियाओं के हाथ में चला जाता है जो पैसों के दम पर पेपर खरीद लेते हैं।”
देश के युवाओं से आह्वान: “अब चुप बैठने का वक्त नहीं”
विधायक संजीव झा ने देश के नौजवानों और छात्रों से अपील की है कि वे इस अन्याय के खिलाफ एकजुट हों। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो सरकार एक पारदर्शी परीक्षा आयोजित नहीं करा सकती, वह देश चलाने के काबिल कैसे हो सकती है?
उन्होंने कहा, “आज अगर आवाज नहीं उठी, तो कल फिर एक नया एग्जाम होगा और फिर एक नया लीक। यह सिलसिला तब तक नहीं थमेगा जब तक कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होती और NTA के ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन नहीं किया जाता।”
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