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Akshaya Tritiya 2026 Date: अक्षय तृतीया पर बन रहा शुभ संयोग, भूमि पूजन और मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम समय

Akshaya Tritiya 2026 Date 20 अप्रैल को है, शुभ मुहूर्त, भूमि पूजन और विवाह के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है।

भारतीय परंपरा में अत्यंत शुभ मानी जाने वाली Akshaya Tritiya 2026 Date इस वर्ष विशेष शुभ संयोग के साथ मनाई जाएगी। यह पावन पर्व सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को पड़ रहा है, जिसे समृद्धि, सौभाग्य और अक्षय फल देने वाला दिन माना जाता है।

इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों द्वारा भूमि पूजन किया जाएगा, जबकि शहरी इलाकों में विवाह और अन्य मांगलिक आयोजनों की धूम रहेगी। Akshaya Tritiya 2026 Date को लेकर बाजारों में भी पहले से ही उत्साह देखा जा रहा है।

Akshaya Tritiya 2026 Date: शुभ मुहूर्त और तिथि का महत्व

पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है। यह तिथि रविवार दोपहर से शुरू होकर सोमवार पूर्वाह्न 10:39 बजे तक प्रभावी रहेगी।

इस अवधि में किए गए कार्यों का फल “अक्षय” यानी कभी समाप्त न होने वाला माना जाता है। Akshaya Tritiya 2026 Date को विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

किसानों और भूमि पूजन का विशेष महत्व

ग्रामीण क्षेत्रों में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व होता है। किसान इस दिन अपने खेतों में अक्षत, दही, गुड़, आम पत्ते और पारंपरिक विधियों के साथ भूमि पूजन करते हैं।

मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर किया गया भूमि पूजन फसल उत्पादन और समृद्धि में वृद्धि करता है।

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व्यवसाय और विवाह के लिए शुभ समय

अक्षय तृतीया पर विवाह और अन्य मांगलिक कार्य बिना पंचांग देखे भी शुभ माने जाते हैं। इस दिन बाजारों में सोना-चांदी की खरीदारी और संपत्ति सौदों में तेजी देखी जाती है।

व्यवसायियों के अनुसार Akshaya Tritiya 2026 Date पर बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जिससे पूरे बाजार में रौनक बनी रहती है।

Akshaya Tritiya 2026 Date: शुभ मुहूर्त का समय

आचार्यों के अनुसार Akshaya Tritiya 2026 Date पर कई स्थिर लग्न शुभ माने गए हैं:

सुबह 6:56 से 8:52 बजे तक (वृष लग्न)
दोपहर 1:24 से 3:38 बजे तक (सिंह लग्न)
शाम 5:50 से 8:06 बजे तक (तुला लग्न)

इन समयों में भूमि पूजन और व्यवसायिक कार्य करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।

अक्षय तृतीया: धार्मिक महत्व और परशुराम जयंती

अक्षय तृतीया के आसपास भगवान परशुराम जयंती भी मनाई जाती है, जिसे प्रदोष काल में विशेष रूप से पूजा जाता है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसके अलावा, इस दिन किए गए दान और पुण्य कार्यों का फल जीवनभर अक्षय रहता है।

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