पीआईबी, नई दिल्ली: देश के विकास के लिए सालभर की रूपरेखा कैसी होगी! इसके लिए हर वर्ष 1 फरवरी को केन्द्रीय बजट संसद में पेश किया जाता है। आज वित्त वर्ष 2022-23 के लिए संसद में बजट पेश किया गया हालांकि बजट पर जमकर बहस हो रही है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट को बहुआयामी बताया है।

प्रधानमंत्री ने कहा,ये बजट 100 साल की भयंकर आपदा के बीच, विकास का नया विश्वास लेकर आया है। ये बजट, अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही सामान्य मानवी के लिए, अनेक नए अवसर बनाएगा। ये बजट मोर इंफ्रास्ट्रक्चर, मोर इन्वेस्टमेंट, मोर ग्रोथ, और मोर जोब्स की नई संभावनाओं से भरा हुआ है। और एक नया क्षेत्र और खुला है। और वो है ग्रीन जाब्स का। ये बजट तत्कालीन आवश्यकताओं का भी समाधान करता है और देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को भी सुनिश्चित करता है।”

डिजिटल यूनिट्स को मिलेगी मजबूती

पीएम ने कहा, “मैं पिछले कुछ घंटों से देख रहा हूं, जिस प्रकार से इस बजट का हर क्षेत्र में स्वागत हुआ है, सामान्य मानवी की जो सकारात्मक प्रतिक्रिया आई है, उसने जनता जनार्दन की सेवा का हमारा उत्साह अनेक गुणा बढ़ा दिया है।जीवन के हर क्षेत्र में आधुनिकता आए, टेक्नोलॉजी आए, जैसे किसान ड्रोन हो, वंदेभारत ट्रेन हों, डिजिटल करेन्सी हो, बैंकिंग के क्षेत्र में डिजिटल यूनिट्स हों, 5 G सर्विस का रोल आउट हो, नेशनल हेल्थ के लिए डिजिटल ईकोसिस्टम हो, इनका लाभ हमारे युवा, हमारे मध्यम वर्ग, गरीब-दलित-पिछड़े, ये सभी वर्गों को मिलेगा।

बजट करेगा, गरीब का कल्याण

प्रधानमंत्री ने आवश्यक योजना ओ की तरफ ध्यान देते हुए कहा, कि इस बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू है- गरीब का कल्याण। हर गरीब के पास पक्का घर हो, नल से जल आता हो, उसके पास शौचालय हो, गैस की सुविधा हो, इन सभी पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही आधुनिक इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी उतना ही जोर है।

पहाड़ों पर ट्रांसपोर्टेशन और कनेक्टिविटी की आधुनिक व्यवस्था

पीएम मोदी ने कहा, जो भारत के पहाड़ी क्षेत्र हैं, हिमालय का पूरा पट्टा। जहां जीवन आसान बने, वहां से पलायन ना हो, इसे ध्यान में रखते हुए भी नई घोषणा की गई है। हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट, ऐसे क्षेत्रों के लिए पहली बार देश में पर्वतमाला योजना शुरू की जा रही है। ये योजना पहाड़ों पर ट्रांसपोर्टेशन और कनेक्टिविटी की आधुनिक व्यवस्था का निर्माण करेगी। और इससे हमारे देश के जो सीमावर्ती गांव हैं, बॉर्डर के गांव हैं। जिसका वाइब्रेंट होना जरूरी है। जो देश की सिक्युरिटी के लिए भी आवश्यक है। उसको भी बहुत बड़ी ताकत मिलेगी।”

एमएसएमई उद्योगों को मिलेगा, बढ़ावा

वहीं प्रधानमंत्री ने सूक्ष्म उद्योगों की आह लेते हुए कहा, कोरोना काल में MSME यानि हमारे छोटे उद्योगों की मदद और उनकी सुरक्षा के लिए देश ने लगातार अनेक निर्णय लिए थे। अनेक प्रकार की मदद पहुंचाई थी। इस बजट में क्रेडिट गारंटी में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ ही कई अन्य योजनाओं का ऐलान किया गया है। डिफेंस के कैपिटल बजट का 68 परसेंट डोमेस्टिक इंडस्ट्री को रिजर्व करने का भी बड़ा लाभ, भारत के MSME सेक्टर को मिलेगा। ये आत्मनिर्भरता की तरफ बहुत बड़ा मजबूत कदम है। साढ़े 7 लाख करोड़ रुपए के पब्लिक इन्वेस्टमेंट से अर्थव्यवस्था को नई गति के साथ ही, छोटे और अन्य उद्योगों के लिए नए अवसर भी बनेंगे।”