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एग्जिट पोल पर पंजाब चुनाव आयोग सख्त, कहा- एग्जिट पोल, प्रिंट अथवा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अलावा अन्य भी किसी तरीके से प्रचारित या प्रसारित नहीं किए जा सकते

एएनआई(चंडीगढ़): चुनाव आयोग द्वारा इस साल 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच विधानसभा चुनावों के संबंध में एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाने के बाद, पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी एस करुणा राजू ने मंगलवार को कहा कि, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से राज्य में एक्जिट पोल प्रचारित या प्रसारित नहीं किए जा सकते हैं। एक्जिट पोल को किसी अन्य तरीके से भी प्रचारित नहीं किया जा सकता है।

राजू ने एक बयान में कहा, “जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 ए के प्रावधानों के तहत, 10 फरवरी, 2022 से शुरू होने वाले किसी भी अन्य तरीके से प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या प्रसार के माध्यम से एग्जिट पोल आयोजित और प्रचारित नहीं किए जा सकते हैं।

आगे स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि, 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी जनमत सर्वेक्षण या किसी अन्य सर्वेक्षण सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी चुनावी मामले का प्रदर्शन निषिद्ध है, जिसमें प्रत्येक चरण में मतदान के समापन के लिए निर्धारित समय भी शामिल है।

बता दें कि, 28 जनवरी को, चुनाव आयोग ने पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर- के लिए एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगा दिया , जहां आने वाले दिनों में चुनाव होंगे। 28 जनवरी, 2022 के एक आदेश में, पोल बॉडी ने लिखा, “कोई भी व्यक्ति कोई एक्जिट पोल नहीं करेगा और किसी एक्जिट पोल के परिणाम को प्रिंट या किसी अन्य तरीके से प्रकाशित या प्रचारित नहीं करेगा।”

एक्जिट पोल को 10 फरवरी की  सुबह 7.00 बजे से 7 मार्च को शाम 6.30 बजे तक यानी मतदान अवधि के दौरान प्रतिबंधित कर दिया गया है। वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी।

उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए सात चरणों में इन तारीखों पर चुनाव होंगे: 10 फरवरी, 14, 20, 23, 27; 3 और 7 मार्च को उत्तराखंड की 70 सीटों और गोवा की 40 सीटों पर एक ही चरण में 14 फरवरी को मतदान होगा, जबकि 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में 20 फरवरी को मतदान होगा। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में 27 फरवरी और 3 मार्च को दो चरणों में मतदान होगा।

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