Best Cop Award: केन्द्र सरकार ने राष्ट्रपति पुलिस पदक की घोषणा कर दी है। इस साल जिन पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा रहा है बता दें कि उनमें सीबीआई के उपाधीक्षक नेतराम मीणा का भी नाम है। मीणा वरिष्ठ पत्रकार जे.डे की हत्या के मामले के जांच अधिकारी थे। जून 2011 में जे.डे की मुंबई के पवई इलाके में हत्या कर दी गयी थी। जे.डे अंग्रेजी अखबार मिड-डे के क्राइम एडीटर थे।

क्या है पूरा मामला ?

12 जून 1997 को मुंबई में रहने वाले क्राइम रिपोर्टर बलजीत शेरसिंह परमार यहां एंटॉप हिल इलाके में एक इमारत के बाहर मोटरसाइकिल सवार बदमाशों द्वारा किये गए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। आरोप था कि बदमाश छोटा राजन के गैंग से जुड़ा हुआ था।

बता दें कि साल 2021 के फरवरी माह में मुंबई में एक विशेष सीबीआई अदालत ने जेल में बंद गैंगस्टर छोटा राजन के खिलाफ 1997 में एक पत्रकार की हत्या के प्रयास को लेकर दर्ज मामले को बंद करने के लिए जांच एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था,विशेष न्यायाधीश ए टी वानखेड़े ने दलील दी थी कि, राजन के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाने के लिये पर्याप्त सामग्री के अभाव के चलते उसे सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। गौरतलब है कि 12 जून 1997 को मुंबई में रहने वाले क्राइम रिपोर्टर बलजीत शेरसिंह परमार यहां एंटॉप हिल इलाके में एक इमारत के बाहर मोटरसाइकिल सवार बदमाशों द्वारा किये गए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शुरू में शहर की पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। बाद में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी।

2015 में राजन के इंडोनेशिया से भारत डीपोर्ट किये जाने के बाद उसपर मुकदमा चला और साल 2018 में सीबीआई की विशेष अदालत ने राजन को डे की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।इस मामले में महिला पत्रकार जिग्ना वोरा भी आरोपी थी।

ज्यादा जानकारी देते हुए बता दें कि,मीणा को सीबीआई में मोबाईल फोन के सीडीआई के विश्लेषण का विशेषज्ञ माना जाता है। उनकी इस खूबी का इस्तेमाल सीबीआई ने दारा सिंह एनकाउंटर केस और भंवरी देवी ब्लात्कार और हत्या केस में भी किया गया।