लखनऊ: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार आरपीएन सिंह ने भाजपा ज्वाइन कर ली है। इसे लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस से आए आरपीएन सिंह को भाजपा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पडरौना विधानसभा से टिकट देने पर विचार कर रही है। वर्तमान में समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य इस विधानसभा से विधायक हैं।माना जा रहा है कि भाजपा आरपीएन सिंह को समाजवादी पार्टी के पडरौना से विधायक नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के सामने खड़ा करेगी।

राजनीतिक गलियारों में आरपीएन के पार्टी परिवर्तन को पिछले दिनों पाला बदलकर भाजपा से समाजवादी पार्टी में शामिल हुए स्‍वामी प्रसाद मौर्या के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। आरपीएन स्‍वामी को 2009 का लोकसभा चुनाव हरा चुके हैं। मंगलवार को आरपीएन के पाला बदल पर प्रतिक्रिया में स्‍वामी प्रसाद मौर्या ने उन्‍हें सिर्फ पडरौना का नेता बता दिया।

मौर्य ने कहा कि आरपीएन सिंह राजमहल में पैदा हुए। वह राजा हैं और मैं फकीर हूं। राजा से लड़ाई में मैं फकीर ही जीतूंगा। उन्होंने कहा कि चिंता उन लोगों को होनी चाहिए जो मलाई खाना चाहते हैं। मैं मस्त रहता हूं, हजारों कार्यकर्ताओं से घिरा रहता हूं। आज मैं मंत्री नहीं हूं तो भी कार्यकर्ताओं से घिरा हुआ हूं। वहीं, इस बार भी अपने पडरौना से चुनाव लड़ने के सवाल पर मौर्य ने कहा कि पार्टी जो फैसला लेगी उसका पालन करूंगा।

यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार में 4 साल 11 महीने मंत्री रहने को लेकर भी उनसे सवाल पूछा गया। मौर्य से पूछा गया कि कोरोना काल की गड़बडियों का मुद्दा उन्होंने पिछले चार साल 11 महीने क्यों नहीं उठाया?

इस पर सीधा जवाब न देते हुए मौर्य ने कहा कि ये चुनाव के मुद्दे को घुमाने की रणनीति है। उन्होंने कहा कि ये चुनाव पिछड़ा विरोधी, दलित विरोधी किसान विरोधी बीजेपी के चेहरे पर होगा। छुट्टा जानवरों के आतंक, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर चुनाव होगा‌।