देश में कोरोना और ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों में आ रही कमी को देखते हुए केंद्र सरकार गुरुवार को स्कूलों को फिर से खोले जाने को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं. हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इन दिशानिर्देश केवल सलाह के तौर हैं रखा गया है, जिसमें स्कूलों को फिजिकल क्लास के लिए बच्चों के माता माता-पिता से सहमति मांगना और राज्य सरकारों के फैसले निर्भर करने वाले कुछ सुझाव दिए गए हैं. जानकारी के अनुसार इन दिशानिर्देशों में एहतियात, समय सारिणी, मूल्यांकन, भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य शामिल होंगे.

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शिक्षा मंत्री की संयुक्त सचिव स्वीटी चांगसन ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारी ओर से राज्यों को ये दिशानिर्देशों के सलाह के तौर पर दिए गए हैं. हालांकि राज्य सरकार इसके लिए बाध्य नहीं और वो स्वयं के दिशानिर्देश बनाने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं. केंद्र सरकार ने बताया कि ये दिशानिर्देश दो भागों में रखे गए हैं. पहला भाग में स्वास्थ्य, स्वच्छता समेत सुरक्षा पहलुओं पर चिंताओं को शामिल करते हैं, जबक दूसरा भाग सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सीखने से संबंधित है.

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सुश्री चांगसन ने कहा, ये दिशानिर्देश सलाह के तौर हैं और हमने सभी हितधारकों के साथ साझा किया है और उन्हें जरूरत के अनुसार इसे अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि 11 राज्यों में स्कूल पूरी तरह से खुले हैं और नौ में बंद हैं।

इन दिशानिर्देशों में स्कूलों में—

  • उचित सफाई और स्वच्छता सुविधाओं को सुनिश्चित करने और निगरानी करने के निर्देश
  • सीटिंग प्लान में छात्रों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखने को भी कहा गया
  • स्टाफ रूम, ऑफिस एरिया, असेंबली हॉल और अन्य कॉमन एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी
  • सभी छात्रों और कर्मचारियों से फेस मास्क पहनने की अपील
  • प्रधानमंत्री पोषण कार्यक्रम के वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग रखने की जरूरत