LPSC Yojana: दिल्ली सरकार बढ़ा रही पानी के बिल माफी योजना की समय सीमा, लाखों बकाएदारों को मिलेगा फायदा

दिल्ली सरकार ने पानी के बिलों पर लेट फीस माफी योजना (LPSC Yojana) की समय सीमा 15 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी। जानें कैसे लाखों बकाएदार इसका लाभ उठा सकते हैं।

दिल्लीवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली सरकार ने पानी के बिलों पर लेट फीस माफी योजना (LPSC Yojana) की समय सीमा को 15 अगस्त 2026 तक बढ़ा दिया है। इससे लाखों बकाएदार घरों और डोमेस्टिक उपभोक्ताओं को बिलों के भुगतान में राहत मिलेगी।

जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड द्वारा लागू की गई लेट पेमेंट सरचार्ज माफी योजना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग वास्तव में अपने बकाया बिलों का भुगतान करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों के दौरान छोटे घरों के भी लाखों रुपये के बिल भेजे जाते थे और चुनावों के समय उन्हें माफ करने का झूठा दावा किया जाता था। उस दौरान जल बोर्ड का ब्याज दर 36% तक बढ़ गया था। अब हमारी सरकार ने इस ब्याज दर को कम किया और एलपीएससी स्कीम लागू की। इससे लोगों को बिल जमा करना आसान हो गया है।”

बिलिंग सिस्टम अपडेट और KYC अनिवार्य

जल मंत्री ने बताया कि पिछले समय में जल बोर्ड का बिलिंग सिस्टम काफी पुराना और असंगठित था। अब सरकार ने इसे अपडेट करना शुरू कर दिया है। सभी उपभोक्ताओं का KYC वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है ताकि बिलिंग प्रक्रिया और भुगतान प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित हो।

प्रवेश वर्मा ने कहा, “हमने पुराने सॉफ्टवेयर और बिलिंग सिस्टम को अपडेट किया है। अब धीरे-धीरे पानी के बिलों की बिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह सही तरीके से चल रही है।”

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अब तक कितने लोगों ने लिया लाभ?

जल मंत्री ने यह भी बताया कि कुल 14 लाख 68 हजार डोमेस्टिक उपभोक्ताओं का बकाया पानी का बिल था। अब तक लगभग 3 लाख 30 हजार लोग एलपीएससी योजना का लाभ ले चुके हैं।

कुल बकाया राशि: 11,011 करोड़ रुपए

माफ की गई राशि: 1,493 करोड़ रुपए

जमा राशि (राजस्व के रूप में): 430 करोड़ रुपए

इस (LPSC Yojana) से लोगों को सिर्फ बिल भुगतान में राहत नहीं मिली, बल्कि पुराने बिलों के बोझ से भी निजात मिली है।

LPSC Yojana का महत्व

LPSC Yojana न केवल बिल भुगतान में राहत देती है, बल्कि इसे अपनाने से उपभोक्ताओं को भविष्य में अतिरिक्त ब्याज और जुर्माने से भी बचाव होता है। इसके अलावा बिलिंग प्रणाली को डिजिटल और अपडेटेड बनाने से जल बोर्ड का प्रशासनिक काम आसान हो गया है और उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ा है।

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