दशहरा, दिवाली और भाई दूज 2026 कब है? अभी नोट कर लें सही तारीख और महत्व
दशहरा, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज 2026 की सही तारीखें जानें। यहां देखें सभी त्योहारों की डेट और उनके धार्मिक महत्व की जानकारी।
अक्टूबर और नवंबर का महीना त्योहारों के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। इन महीनों में दशहरा, धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे। ऐसे में लोग अभी से त्योहारों की तारीख और छुट्टियों को लेकर जानकारी जुटाने लगे हैं। अगर आपको भी दशहरा दिवाली भाई दूज 2026 की सही तारीख को लेकर कंफ्यूजन है, तो यहां आपको सभी प्रमुख त्योहारों की तारीख एक साथ मिल जाएगी।
दशहरा, दिवाली और भाई दूज कब है?
साल 2026 में विजयादशमी यानी दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इसके बाद नवंबर में दीपावली का त्योहार आएगा। धनतेरस से शुरू होने वाले दीपोत्सव के दौरान छोटी दिवाली, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज मनाई जाएगी।
दशहरा दिवाली भाई दूज 2026 की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:
दशहरा यानी विजयादशमी: 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार
धनतेरस: 6 नवंबर 2026, शुक्रवार
छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी: 7 नवंबर 2026, शनिवार
दिवाली यानी लक्ष्मी-गणेश पूजा: 8 नवंबर 2026, रविवार
गोवर्धन पूजा: 10 नवंबर 2026, मंगलवार
भाई दूज यानी यम द्वितीया: 11 नवंबर 2026, बुधवार
अगर आप त्योहारों के दौरान यात्रा या छुट्टी की योजना बना रहे हैं, तो दशहरा दिवाली भाई दूज 2026 की इन तारीखों को अभी से कैलेंडर में नोट कर सकते हैं।
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दशहरा क्यों मनाया जाता है?
दशहरा या विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था। इसके अलावा शक्ति परंपरा में यह दिन देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय से भी जुड़ा है।
नवरात्रि के नौ दिनों के बाद दसवें दिन विजयादशमी मनाई जाती है। कई स्थानों पर इस अवसर पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। वहीं, कुछ परंपराओं में इस दिन शस्त्र और अस्त्रों की पूजा भी की जाती है।
दिवाली का क्या है महत्व?
दिवाली को रोशनी और खुशियों का पर्व कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद भगवान श्रीराम जब अयोध्या लौटे थे, तब नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। इसी परंपरा से दीपावली का संबंध बताया जाता है।
दिवाली के दिन घरों में दीपक जलाए जाते हैं और माता लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की पूजा की जाती है। भक्त सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
दशहरा दिवाली भाई दूज 2026 के त्योहारों में दिवाली का विशेष स्थान है। धनतेरस से शुरू होने वाले दीपोत्सव के दौरान घरों की साफ-सफाई, सजावट और पूजा की तैयारियां की जाती हैं।
गोवर्धन पूजा कब होगी?
दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को होगी। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा का स्मरण किया जाता है।
मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को भारी बारिश से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठा लिया था। इस दिन अन्नकूट और 56 भोग का प्रसाद भगवान को अर्पित करने की परंपरा है। कई जगहों पर गायों को स्नान कराकर सजाया जाता है और उनकी पूजा की जाती है।
भाई दूज कब मनाया जाएगा?
भाई दूज को भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व माना जाता है। साल 2026 में भाई दूज 11 नवंबर, बुधवार को मनाई जाएगी। इसे यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।
इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं, उनकी आरती करती हैं और उनके सुखी एवं लंबे जीवन की कामना करती हैं। इसके बदले भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं।
धार्मिक मान्यताओं में यमुना स्नान का भी इस दिन विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि यम द्वितीया पर यमुना में स्नान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
एक नजर में सभी प्रमुख त्योहारों की तारीख
अगर आप दशहरा के साथ पूरे दीपोत्सव की तारीख याद रखना चाहते हैं, तो इसे इस क्रम में नोट कर लें: 20 अक्टूबर को दशहरा, 6 नवंबर को धनतेरस, 7 नवंबर को छोटी दिवाली, 8 नवंबर को दिवाली, 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाई दूज मनाई जाएगी।
त्योहारों की पूजा और शुभ मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना उचित रहेगा, क्योंकि कुछ मुहूर्त स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं। इस तरह सभी महत्वपूर्ण तारीखें आप पहले से नोट करके अपनी यात्रा, पूजा और छुट्टियों की तैयारी कर सकते हैं।
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