मोदी सरकार ने डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन को मुख्य आर्थिक सलाहकार केरूप में नियुक्त किया है और आज यानि 28 जनवरी से उन्होंने कार्यभार ग्रहण कर लिया है. इस नियुक्ति से पहले डॉ. नागेश्वरन एक शिक्षक, लेखक और सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं. शिक्षक के रूप में उन्होने भारत और सिंगापुर के कई बिजनेस स्कूलों और प्रबंधन संस्थानों में पढ़ाया है और इसके साथ ही बड़े पैमाने पर प्रकाशित किया है. इसके अलावा डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन IFMR गgraduationschool of business के डीन और Krea university में economy के विशिष्ट विजिटिंग प्रोफेसर रह चुके है. बात करे गत वर्षो की तो वह 2019 से 2021 तक भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी के आर्थिक सलाहकार परिषद के अंशकालिक सदस्य भी रहे हैं. उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान (IMA), अहमदाबाद से प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा और विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की है और एमहर्स्ट (Amherst) में मैसाचुसेट्स विश्वविद्यालय (University of Massachusetts) से doctorate की डिग्री (degree) हासिल की है. Modi government ने
Dr. वी. अनंत नागेश्वरन को मुख्य आर्थिक सलाहकार उस समय बनाया गया है जब आगामी 31 जनवरी 2022 से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है. और पहले ही दिन इकॉनमिक सर्वे को संसद में पेश किया जाता है जिसे तैयार करने की पूरी जिम्मेदारी मुख्य आर्थिक सलाहकार की होती है. इकोनॉमिक सर्वे यानि की
आर्थिक सर्वेक्षण की बात करे तो इसमें पिछले एक साल में अर्थव्यवस्था की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट शामिल की जाती है, जिसमें अर्थव्यवस्था की प्रमुख चुनौतियों और योजनाओं का जिक्र होता है साथ ही ये भी पता चलता है की इन तमाम चुनौतियों को पूरा करने में हमारा देश कितना सफल रहा.
यह आर्थिक सर्वेक्षण जानकारी देता है कि छोटी और मध्यम अवधि में अर्थव्यवस्था में किस तरह की संभावनाएं मौजूद हैं.

आपको बता दे कि
ये महत्वपूर्ण दस्तावेज़ आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) के आर्थिक प्रभाग द्वारा CEA के मार्गदर्शन में ही तैयार किया जाता है. सभी दस्तावेजों के तैयार हो जाने के बाद, सर्वेक्षण (survey)को वित्त मंत्री (finance minister) द्वारा अप्रूवड (approved)किया जाता है. आर्थिक सर्वे को सबसे पहले संसद के दोनों सदनों में वित्त मंत्री द्वारा सदन के पटल पर पेश किया जाता है. और इसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार सर्वे के बारे में जानकारी देते हैं.

दरअसल पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन थे जिनका कार्यकाल दिसंबर 2021 में खत्म हो गया था. अपने कार्यकाल के खत्म होने से पहले ही उन्होंने पद छोड़ने की घोषणा करते हुए ये कहा था कि वह अपना कार्यकाल पूरा करते ही शिक्षा जगत में वापस लौट जाएंगे. फिल्हाल कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन हैदराबाद स्थित Indian Business School (IBS) में लेक्चरर हैं.