राजस्थान के शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला ने पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच कराने से इंकार कर दिया है । वही शिक्षा मंत्री के इस बयान पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने कहा की ये युवाओं के साथ अन्याय होगा।

अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET 2021)  प्रकरण में पहली बार सरकारी बयान आया है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला ने कहा कि रीट की सीबीआई जांच नहीं करवाई जाएगी। उनके मुताबिक परीक्षा में ऐसी कोई गड़बड़ी हुई ही नहीं जिसकी सीबीआई जांच करवाई जाए। वहीं बीकानेर प्रवास के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा की रीट परीक्षा में पेपर लीक होने का प्रयास हुआ था, लेकिन एजेंसी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ( एसओजी) ने उस प्रयास को विफल कर दिया। शिक्षा संकुल से रीट का पेपर लीक होने से जुड़े सवालों पर डॉ कल्ला ने बताया कि सरकार के पास ऐसी कोई सूचना नहीं आयी जिससे पता चले कि रीट का पेपर आउट हुआ है। पेपर आउट करने वालों के खिलाफ़ एसओजी कार्रवाई कर रही है।

दूसरी तरफ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया ने कहा कि इस मामले की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए। राजस्थान के बेरोजगार युवाओं को तभी न्याय मिलेगा जब पेपर लीक करने वाले अभियुक्तों को दंड मिलेगा।

बेरोज़गारों की मांग के बावजूद राज्य सरकार सीबीआई जांच करवाने को तैयार नहीं है। रीट 2021 प्रकरण की सीबीआई जांच के लिए एक याचिका राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है।

जांच एजेंसी की रिपोर्ट को नकार रही सरकार

प्रदेश की सबसे बड़ी सरकारी जांच एजेंसी ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने 2 दिन पहले रीट परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण में भजन लाल बिश्नोई, राम कृपाल मीणा और उदाराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने अपने बयान में साफ कहा था कि रीट परीक्षा से 2 दिन पहले 24 सितंबर 8:00 बजे जयपुर के शिक्षा संकुल से रीट का पेपर लीक किया गया। एडीजी ने यह भी कहा था कि राम कृपाल मीणा ने उदाराम के सात कुछ और लोगों को भी रीट का पेपर बेचा था। इसके बावजूद सरकार रीट परीक्षा में पेपरलीक हुआ है इस बात को स्वीकार नहीं रही है।