वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना चौथा आम बजट पेश करेंगी, सभी की निगाहें इस बात पर जमी हुई है कि सरकार राजकोषीय मजबूती की कसौटी और अपने लुभावने उपायों के बीज किस प्रकार संतुलन स्थापित कर पाएगी। देश के कारपोरेट जगत को इस आम बजट में कुछ महत्वपूर्ण घोषणाओं की उम्मीद है जिनके सहारे वह अपने ग्रुप अजेंडा को फिर से तय कर पाए । वहीं आम करदाता यानी कि आम आदमी अपने हाथों में खर्च योग्य आय बढ़ाने की उम्मीद कर रहा है ताकि ऐसे ही जगह निवेश कर सके और फायदा पा सके..

बजट को लेकर बाजार की कुछ उम्मीद है इस प्रकार है –

आयकर कानून के सेक्शन 80c के तहत डेढ़ लाख रुपए तक के डिडक्शन को बढ़ाकर ₹2 लाख किया जाए

क्रिप्टो ए सेल्समैन ऑन संजीवनी टोकन टोकन आदि जैसे डिजिटल असेट्स की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल हो रही है जो जबरदस्त ट्रेक्शन गेन करेगी उम्मीद की जा रही है कि क्रिप्टोकरंसी के कराधान के लिए एक विशेष प्रकार की व्यवस्था बजट में पेश की जाएगी वैकल्पिक व्यवस्था को अधिक बनाने के लिए इसके तहत सर्वाधिक 30% तक भर के लिए 15 लाख रुपए की आय सीमा को बढ़ाया जाए >

कॉरपोरेट जगत को covid 19 महावारी के दौरान समाज व कर्मचारी कल्याण पर आए खर्च या इसके बड़े हिस्से पर टैक्स में छूट की उम्मीद है लंबे समय वाली पूंजीगत लाभ पर लगने वाला कर यानी कि एलटीसीजी निवेशकों के भरोसे को चोट पहुंचाता है बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में यह टेक्स नहीं होता भारत से भी उम्मीद की जा रही है कि सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों की बिक्री पर इस टैक्स में छूट दी जाए जिससे शेयर बाजार में निवेश करें बात करें

indirect टैक्स की तो इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल और सहायक पोरजो के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन उपकरणों और इससे संबंधित घटकों के लिए सीमा शुल्क पर ढांचे को बनाया जाए सेमीकंडक्टर्स निर्माताओं के लिए टैक्स में विशेष छूट हो उत्पादन से संबंधित प्रोत्साहन योजना के विस्तार के लिए भी बजट आवंटन जरूरी है जांच के लिए आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट का विस्तार हो ।

रिपोर्ट विशेषज्ञों की राय ले तो नांगिया एंडरसन इंडिया के चेयरमैन राकेश नांगिया ने कहा है कि covid संकट से पड़े असर के बावजूद बड़े कारोबार एवं उच्च मध्यवर्ग अच्छा प्रदर्शन करता दिखाई दे रहा है उन्होंने यह भी कहा कि बजट के मुख्य रूप में रोजगार और निर्माण के चारों ओर प्रवेश बनाने पर होना चाहिए डेलाइट इंडिया के भागीदार गोकुल चौधरी ने कहा कि इस बजट में निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है जहां एक और महंगाई के कारण खर्च करने योग्य आय पर असर पड़ता है वहीं दूसरी ओर आय के बढ़ने के साधन भी सीमित है एमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ पार्टनर रजत मोहन का भी कहना है कि मध्यम वर्ग जहां तेजी से बढ़ती हुई मुद्रास्फीति का मुकाबला करने के लिए खर्च करने योग्य आय बढ़ने की उम्मीद कर रहा है वहीं बड़ी-बड़ी कंपनियों को इस टैक्स स्ट्रक्चर में स्थिरता की एवं कारोबार में विकास के लिए तुरंत उपलब्ध होने की अपेक्षा है