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हरपाल सिंह चीमा: पंजाब स्कूल शिक्षा में बना देश का नंबर-1 राज्य, एआई शिक्षा से भविष्य होगा और मजबूत

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा में देश का नंबर-1 राज्य बना है और कक्षा 1-12 तक AI शिक्षा लागू कर भविष्य के लिए नई मिसाल पेश की है।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने शिक्षा सुधारों के माध्यम से पूरे देश के सामने एक नया उदाहरण पेश किया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी अगुवाई में पंजाब ने शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मुख्य विषय के रूप में शामिल किया है। उनका कहना है कि यह कदम विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करेगा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में स्कूल शिक्षा के मामले में पंजाब की रैंकिंग 27वें स्थान पर थी, लेकिन पिछले चार वर्षों में लगातार किए गए सुधारों और नीतिगत फैसलों के कारण आज राज्य नीति आयोग की रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच चुका है।

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वित्त मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि पूरी सरकार की दूरदर्शी सोच और शिक्षा सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक तकनीक, बेहतर बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षित शिक्षक और नवाचार आधारित शिक्षा मॉडल ने पंजाब के शिक्षा क्षेत्र को नई पहचान दी है।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बेहतर परिणाम हासिल करना नहीं, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करना है जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हों। उन्होंने विश्वास जताया कि एआई आधारित शिक्षा से पंजाब के विद्यार्थियों को आने वाले समय में रोजगार, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और आने वाले वर्षों में भी शिक्षा क्षेत्र में इसी तरह के सुधार जारी रहेंगे, ताकि पंजाब के बच्चों का भविष्य तकनीक, ज्ञान और कौशल के साथ और अधिक मजबूत बनाया जा सके.

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