हरियाणा में अग्निवीरों को नौकरी देने की तैयारी तेज। CM नायब सैनी ने सरकारी विभागों में रिक्त पदों और नियुक्तियों पर चर्चा की।
हरियाणा सरकार ने सेना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद राज्य लौटने वाले अग्निवीरों को सरकारी नौकरी देने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि सरकार अग्निवीरों को विभिन्न विभागों में समायोजित करने की संभावनाओं पर काम कर रही है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा की जा चुकी है और लौटने वाले अग्निवीरों की सूची भी सरकार के पास पहुंच गई है।
हरियाणा में अग्निवीरों को नौकरी देने की इस पहल के तहत सरकार का जोर केवल सरकारी भर्तियों में आरक्षण उपलब्ध कराने पर नहीं, बल्कि विभागों में मौजूद रिक्त पदों के अनुसार योग्य उम्मीदवारों को रोजगार से जोड़ने पर है। इसके लिए विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों से रिक्तियों का विवरण जुटाया जा रहा है।
अग्निवीरों को सरकारी नौकरी देने के लिए विभागवार तैयारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि सरकार ने अग्निवीरों को नौकरी देने के संबंध में सैद्धांतिक रूप से निर्णय लिया है। अधिकारियों के साथ इस बात पर विचार किया गया है कि उन्हें किन विभागों में और किस प्रक्रिया के तहत नियुक्त किया जा सकता है।
सरकार के पास सेना से चार साल की सेवा पूरी करके लौटने वाले अग्निवीरों की सूची पहुंच चुकी है। अब उपलब्ध पदों और भर्ती की जरूरतों के आधार पर उन्हें समायोजित करने की योजना तैयार की जा रही है। इस पहल से उन युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जो अग्निवीर योजना के तहत सैन्य सेवा पूरी कर चुके हैं।
सरकारी भर्तियों में अग्निवीरों को कितना आरक्षण मिलेगा?
हरियाणा सरकार ने जुलाई 2024 में ही अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में क्षैतिज आरक्षण और आयु में छूट देने की घोषणा की थी। इसके तहत ग्रुप-सी की सिविल सीधी भर्तियों में 5 प्रतिशत और ग्रुप-बी के कुछ पदों पर 1 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया।
इसके अतिरिक्त पुलिस, वन रक्षक, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड जैसे पदों पर भी अग्निवीरों के लिए आरक्षण की व्यवस्था घोषित की गई थी। अप्रैल 2025 में कुछ पदों पर आरक्षण बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का फैसला लिया गया। इसके बाद 2026 में इस व्यवस्था का दायरा और बढ़ाया गया।
मौजूदा प्रावधानों के अनुसार पुलिस कॉन्स्टेबल, आईआरबी और एसडीआरएफ कॉन्स्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर, माइनिंग गार्ड, वाइल्ड लाइफ गार्ड तथा फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर जैसे पदों पर 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अन्य संबंधित ग्रुप-सी पदों पर 5 प्रतिशत और कौशल एवं विशेषज्ञता से जुड़े ग्रुप-बी पदों पर 1 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है।
1 सितंबर 2026 से लागू हुई आरक्षण व्यवस्था
राज्य में अग्निवीरों के लिए आरक्षण से संबंधित विस्तारित व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से लागू हुई है। अब सरकार इसे भर्ती प्रक्रिया में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों से पदवार तथा श्रेणीवार रिक्तियों का विवरण मांगा है। अधिकारियों से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि अलग-अलग विभागों में कितने पद खाली हैं और अग्निवीरों के लिए किन पदों पर अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
इन पदों पर सीधी भर्ती के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के माध्यम से निर्धारित भर्ती प्रक्रिया अपनाई जाएगी। रिक्तियों का पूरा विवरण मिलने के बाद सरकार अग्निवीरों के समायोजन की योजना को आगे बढ़ा सकती है।
हरियाणा से कितने अग्निवीर सेना में भर्ती हुए?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा से वर्ष 2022-23 में 2,227 अग्निवीर सेना में भर्ती हुए थे। वहीं, 2023-24 में यह संख्या 2,893 रही। पहले बैच के चार साल पूरे होने के बाद राज्य सरकार ने अगस्त 2026 से विभिन्न विभागों में रिक्तियों का ब्योरा जुटाने की प्रक्रिया तेज की है।
हरियाणा में अग्निवीरों को नौकरी देने की योजना के तहत इन युवाओं को उनकी योग्यता, संबंधित पदों की आवश्यकताओं और लागू भर्ती नियमों के अनुसार सरकारी विभागों में समायोजित करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, नियुक्तियों की अंतिम संख्या और विभागवार पदों की जानकारी रिक्तियों के आकलन तथा भर्ती प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
दो साल में 47 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में बताया कि राज्य सरकार के दो साल के कार्यकाल में लगभग 47 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उनके अनुसार, वर्ष 2024 में दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही करीब 25 हजार चयनित युवाओं को नियुक्तियां देने की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में करीब 5,500 पुलिस पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा लगभग 8,500 अन्य पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित कराई जा रही हैं।
सरकार की ओर से अग्निवीरों को रोजगार से जोड़ने की पहल भी इसी भर्ती व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाई जा रही है। विभागवार रिक्तियों की जानकारी मिलने के बाद यह तय करने में मदद मिलेगी कि सेवा पूरी कर चुके कितने अग्निवीरों को किन पदों पर अवसर दिया जा सकता है।
अग्निवीरों के लिए क्या है आगे की प्रक्रिया?
हरियाणा सरकार की योजना में अग्निवीरों के लिए आरक्षण के साथ-साथ उपलब्ध सरकारी पदों के अनुरूप नियुक्ति की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल विभागों से रिक्तियों का विवरण जुटाया जा रहा है। इसके बाद संबंधित भर्ती एजेंसियों और विभागों के माध्यम से आगे की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री के बयान और सरकार की ओर से शुरू की गई तैयारियों से संकेत मिलता है कि सेना में चार साल की सेवा पूरी करने वाले युवाओं को राज्य में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर योजना बनाई जा रही है। हालांकि, प्रत्येक अग्निवीर को नौकरी मिलने की अंतिम स्थिति नियुक्तियों की औपचारिक घोषणा, पात्रता और लागू भर्ती नियमों पर निर्भर करेगी।
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