अलवर: राजस्थान के अलवर में हुई शर्मनाक घटना नेे देेश को शर्मसार कर दिया है। मूक-बधिर बालिका के साथ हुई घटना का अभी तक खुलासा नहीं हो सका लेकिन अलवर नगर परिषद ने घटनास्थल यानी तिजारा फाटक ओवरब्रिज से सबूत ही मिटा डाले। अब अगर सीबीआई जांच के लिए आती है तो केवल राजस्थान पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए तथ्यों के आधार पर ही जांच हो पाएगी।

राजस्थान भाजपा के प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने शुक्रवार को ट्विटर पर घटना स्थल पर सफाई करते हुए सफाईकर्मियों का वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि ‘अलवर में 15 साल की बच्ची से दरिंदगी के घटना स्थल से सबूत मिटाती राजस्थान की कांग्रेस सरकार, सीबीआइ के आने से पहले सब कुछ मिटा देंगे।’ उनके इस ट्वीट को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने री-ट्वीट कर इस मामले में एफआइआर दर्ज कराने की मांग की है। राजस्थान भाजपा प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज इस घटना के बाद से ही सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कई राजनीतिक व्यक्तियों ने कांग्रेस के इस कदम की कड़ी निन्दा की है।

वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने रिट्वीट करते हुए लिखा है कि, नाबालिग के साथ हुई इस भयानक घटना के सबूत मिटाने पर राजस्थान सरकार के खिलाफ एफआइआर दर्ज करानी चाहिए।

हालांकि एक सप्ताह पहले राजस्थान कांग्रेस की सदस्या रिंकी वर्मा, अलवर के पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग को लेकर मार्च भी निकाल चुकीं हैं, उन्होंने अलवर की बेटी के साथ हुए अन्याय के लिए राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जबतक अलवर की बेटी को न्याय नहीं मिलता मैं चुप नहीं बैठूंगी। वहीं इस मामले में भाजपा लगातार गहलोत सरकार पर निशाना साध रही है। एक सप्ताह पहले बीजेपी ने अलवर की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए राज्यभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। हालांकि रविवार को राजस्थान सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया था।