इसुदान गढ़वी ने दावा किया कि किसान नेता भरतसिंह झाला को गांधीनगर सचिवालय में ‘ब्लैक लिस्ट’ बताकर रोका गया। उन्होंने BJP सरकार पर सवाल उठाए।
गुजरात की राजनीति में किसानों से जुड़े मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। AAP के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष और किसान नेता इसुदान गढ़वी ने दावा किया है कि लंबे समय से किसानों के मुद्दे उठाने वाले भरतसिंह झाला को गांधीनगर स्थित सचिवालय में प्रवेश करने से रोक दिया गया। उनके मुताबिक, झाला मुख्यमंत्री से सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर मुलाकात करने जा रहे थे।
इसुदान गढ़वी ने आरोप लगाया कि सचिवालय में भरतसिंह झाला से कहा गया कि वह ‘ब्लैक लिस्ट’ में हैं। गढ़वी ने कहा कि झाला लंबे समय से किसानों के लिए आवाज उठाते रहे हैं और 1985 से किसानों के मुद्दों को लेकर सक्रिय हैं।
किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे झाला
इसुदान गढ़वी के मुताबिक, भरतसिंह झाला गांधीनगर में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सूखे से प्रभावित क्षेत्रों को लेकर अपनी बात रखना चाहते थे। इसी दौरान उन्हें सचिवालय में रोक दिया गया।
गढ़वी ने दावा किया कि किसान नेता को सचिवालय परिसर में ही यह बताया गया कि उनका नाम ‘ब्लैक लिस्ट’ में है। उन्होंने इस घटनाक्रम को किसानों की आवाज से जोड़ते हुए सरकार से सवाल किया कि किसान हितों से जुड़े मुद्दे उठाने वाले व्यक्ति को इस तरह रोके जाने का कारण क्या है।
‘1985 से किसानों के लिए लड़ रहे हैं भरतसिंह झाला’
AAP नेता ने कहा कि भरतसिंह झाला लंबे समय से बिना किसी व्यक्तिगत लाभ की उम्मीद के किसानों के लिए काम कर रहे हैं। इसुदान गढ़वी ने दावा किया कि वह किसानों की मदद के लिए कई बार रिक्शा और बस से यात्रा करते हैं और जमीनी स्तर पर उनकी समस्याएं उठाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के गठन से पहले से किसानों के मुद्दों पर सक्रिय रहे ऐसे व्यक्ति को सचिवालय में ‘ब्लैक लिस्ट’ बताए जाने का दावा गंभीर सवाल खड़े करता है।
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गढ़वी ने भाजपा पर लगाया किसानों की आवाज दबाने का आरोप
इसुदान गढ़वी ने अपने बयान में भाजपा सरकार पर किसानों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भरतसिंह झाला लगातार किसानों की समस्याओं को सामने रखते हैं और इसी वजह से उन्हें कथित तौर पर सचिवालय में रोका गया।
गढ़वी ने मुख्यमंत्री की यात्रा और सरकारी संसाधनों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ किसान नेता आम साधनों से किसानों के बीच पहुंचते हैं, जबकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री सरकारी हेलीकॉप्टर और चार्टर विमान से यात्रा करते हैं।
किसानों से भरतसिंह झाला के समर्थन की अपील
AAP नेता ने किसानों और आम लोगों से भरतसिंह झाला के साथ खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों और समस्याओं को उठाने वालों की आवाज को मजबूती से सामने लाया जाना चाहिए।
इसुदान गढ़वी ने अपने बयान में भाजपा के खिलाफ राजनीतिक विरोध का भी आह्वान किया। उन्होंने लोगों से चुनाव के दौरान अपने स्तर पर सरकार के कामकाज और किसान मुद्दों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेने की अपील की।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच किसान मुद्दा केंद्र में
भरतसिंह झाला को सचिवालय में रोके जाने का दावा सामने आने के बाद गुजरात में किसान मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। AAP ने इसे किसानों से जुड़े सवालों और उनके प्रतिनिधित्व से जोड़कर उठाया है।
वहीं, इस पूरे मामले में सचिवालय या भाजपा सरकार की ओर से भरतसिंह झाला को ‘ब्लैक लिस्ट’ किए जाने के आरोप पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण इस बयान में सामने नहीं आया है। इसलिए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और सरकार का पक्ष इस मामले को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
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