माघ मेला 2026 स्नान तिथियां और मुहूर्त: मौनी अमावस्या के बाद बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं का पवित्र संगम स्नान।
प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर लगने वाला माघ मेला 2026 श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। मौनी अमावस्या (18 जनवरी) के प्रमुख स्नान के बाद अब भक्तों की नज़र अगले पावन स्नान पर टिकी है। प्रशासनिक और धार्मिक कैलेंडर के अनुसार माघ मेला का चौथा प्रमुख स्नान बसंत पंचमी, 23 जनवरी 2026 को होगा।
बसंत पंचमी स्नान का महत्व
बसंत पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आती है। यह पर्व ज्ञान, विद्या और नव चेतना का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है और संगम में स्नान करने से विद्या, बुद्धि और वाणी की शुद्धि होती है।
धार्मिक मान्यता है कि पीले वस्त्र धारण कर संगम में स्नान करने से आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साधु-संतों के अनुसार यह दिन मन और आत्मा में नई चेतना भरने वाला माना गया है।
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माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां
माघ मेला 2026 में कुल पाँच प्रमुख स्नान पर्व होंगे, जिनमें से कुछ पहले ही संपन्न हो चुके हैं:
मौनी अमावस्या स्नान: 18 जनवरी 2026, शनिवार
बसंत पंचमी स्नान (चौथा स्नान): 23 जनवरी 2026, शुक्रवार
माघी पूर्णिमा स्नान (पांचवां स्नान): 1 फरवरी 2026, रविवार
महाशिवरात्रि स्नान (अंतिम स्नान): 15 फरवरी 2026, रविवार
माघ मेले का समापन महाशिवरात्रि स्नान के साथ होगा। इस दिन भगवान शिव की आराधना के साथ संगम स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है।
श्रद्धालुओं के लिए सुझाव
स्नान से पूर्व हल्का उपवास और साधु-संतों के निर्देशों का पालन करें।
बसंत पंचमी पर पीले वस्त्र पहनकर स्नान करना शुभ माना जाता है।
स्वच्छता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
माघ मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह श्रद्धालुओं के जीवन में मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी प्रदान करता है।
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