संसद में बुधवार को मैरिटल रेप का मुद्दा उठा। केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मैरिटल रेप मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि मैरिटल रेप के संबंध में कई सिफारिशों पर गौर करते हुए आपराधिक कानूनों में व्यापक संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है। महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने यह भी कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा देश में सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन सभी विवाह को हिंसक बता देना और हर पुरुष को बलात्कारी कहना सही नहीं है।

हर आदमी बलात्कारी नहीं
सीपीआई सांसद के सवाल के जवाब में ईरानी ने कहा है, मेरा कहना है कि इस सम्मानित सदन में देश की हर शादी को हिंसक शादी मानकर उसकी निंदा करना और इस देश के हर आदमी को बलात्कारी मानकर निंदा करना उचित नहीं है। उन्होंने राज्यसभा में कहा, वैवाहिक बलात्कार का मामला दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय की स्थायी संसदीय समिति ने अपनी 146वीं रिपोर्ट में देश की आपराधिक न्याय प्रणाली की व्यापक समीक्षा किए जाने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत संरक्षण आदेश मैजिस्ट्रेट की ओर से जारी किए जाते हैं।

गिनवाए सरकार के काम
उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में हिंसा ;घरेलू हिंसा सहित से प्रभावित महिलाओं की पुलिस, चिकित्सा, कानूनी सहायता और काउंसलिंग सहित अन्य सेवाओं के साथ 2015 से पूरे देश में वन स्टॉप सेंटर ;ओएससी योजना चला रहा है। इस समय पूरे देश में 30 से ज्यादा हेल्पलाइन चल रहे हैं। इसने 66 लाख से ज्यादा महिलाओं को सहायता पहुंचाई है।