मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026: चैत्र माह में पूजा का शुभ मुहूर्त और योग
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026 चैत्र मास में 11 मार्च को। जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, सिद्धि योग और निशिता काल की पूरी जानकारी।
सनातन धर्म में चैत्र मास का विशेष महत्व है। इस माह में नवरात्रि और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी जैसे प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की भक्ति के लिए समर्पित है। 11 मार्च 2026 को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी, जब दुर्लभ सिद्धि योग और शिववास योग का संयोग बन रहा है। इस दिन भक्तों द्वारा श्रद्धा भाव से पूजा करने पर मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026 की तिथि और महत्व
चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रखा जाता है। 11 मार्च को रात 01:54 बजे अष्टमी तिथि शुरू होगी और 12 मार्च को सुबह 04:19 बजे समाप्त होगी। निशा काल (Nishita Kaal) में भगवान कृष्ण की विशेष पूजा की जाती है। यह दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी की भक्ति में लीन होकर व्रती अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
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शुभ मुहूर्त और योग
व्रत और पूजा के लिए पंचांग के अनुसार निम्नलिखित शुभ मुहूर्त हैं:
सूर्योदय: सुबह 06:36 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:27 बजे
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:58 – 05:47 बजे
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 – 03:17 बजे
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:25 – 06:49 बजे
निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:06 – 12:55 बजे
ज्योतिषीय दृष्टि से मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर सिद्धि योग सुबह 09:12 बजे से शुरू होगा और शिववास योग रात भर रहेगा। इस शुभ योग में पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान और ध्यान करें।
स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल की सफाई करें।
पूजा स्थल पर भगवान कृष्ण और राधा रानी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
दीपक, धूप, और जल का अभिषेक करें।
फल, मिठाई और नैवेद्य के रूप में भोग अर्पित करें।
भगवान कृष्ण के मंत्रों का जप करें:
ॐ कृष्णाय नमः
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे
ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः
ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात
ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे।
पूजा के अंत में माता राधा और भगवान कृष्ण की आरती करें।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026 के इस शुभ दिन पर भक्त अपने घर पर या मंदिर में श्रद्धा और भक्ति भाव से पूजा करेंगे। यह दिन भगवान कृष्ण के प्रति आस्था और भक्ति को बढ़ाने का सर्वोत्तम अवसर है।
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